26 वर्षीय रेडर अपने करियर की शुरुआत में राइट कॉर्नर के तौर पर खेलते थे।

राहुल चौधरी ने प्रो-कबड्डी लीग में 950 से ज्यादा रेड प्वाइंट्स हासिल किए हैं और वह इस लीग में खुद को सबसे महान रेडर्स में से एक बना चुके हैं। उनकी स्पीड और विपक्षी हाफ में डीप जाकर डिफेंडर्स को विचलित करने की कला उन्हें सबसे अलग बनाती है। हालांकि, ‘रनिंग हैंड टच’ उनका एक ऐसा पसंदीद मूव है जिसका इस्तेमाल वह बेहतरीन तरीके से और लगातार करते हैं।

प्रो-कबड्डी के साथ एक इंस्टाग्राम लाइव के दौरान राहुल चौधरी ने कहा, “जब मैंने कबड्डी खेलना शुरु किया तो मैं एक राइट कॉर्नर था। मैं साई गांधीगनर में ट्रेनिंग करने के लिए चुना गया था और वहां महिपाल नरवाल और मनप्रीत सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे। उनकी मौजूदगी के कारण हमें खेलना का मौका नहीं मिला। हम साइडलाइन पर बैठते और चीजें देखते थे।”

“महिपाल शानदार रेडर थे। उन्होंने लॉयन जंप का इस्तेमाल बेहतरीन तरीके से किया और वह कम्प्लीट पैकेज थे। उन्हें जो सम्मान मिलता था उसे देखकर मैं भी सोचता कि यदि मैं एक रेडर होता तो कुछ बेहतरीन रेड के साथ मैं भी सम्मान पाने का हकदार बन सकता था।”

भले ही राहुल चौधरी को टीम में शामिल होने का मौका मिला, लेकिन ज्यादातर वह एक सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी के तौर पर बैठे रहते थे। हालांकि, इसी के साथ उनका कबड्डी करियर बदल गया।

उन्होंने बताया, “यदि आप एक सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी हैं तो आपको दौड़ लगानी होती है ताकि आप खुद को वॉर्मअप रख सकें और यदि कोच आपको लाना चाहें तो आप तैयार रहें। जब मैं अपना वॉर्मअप कर रहा था तो कोच ने मुझसे कहा कि मैं अपनी बॉडी खोलूं और रनिंग हैंड टच की प्रैक्टिस करूं। इसके बाद मैंने वॉर्मअप में इसका इस्तेमाल करना शुरु किया।”

“जैसे ही मैंने यह करना सीख लिया तो कोच ने मेरे साथ काम किया और मुझे सिखाया कि कैसे मैं अपनी दिशा बदलकर डिफेंस को परेशान करूं और प्वाइंट हासिल करूं। यहीं से मैं कॉर्नर डिफेंडर से रेडर बनने की ओर बढ़ा। इसके बाद से मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।”

राहुल चौधरी ‘रनिंग हैंड टच’ का इस्तेमाल करने वाले सबसे बेहतरीन रेडर हैं, लेकिन उन्हें लगता है कि एक रेडर होने के नाते उन्हें लगातार अपनी स्किल सुधारने पर काम करना होता है।

उन्होंने कहा, “हमारे शुरुआती दिनों में हमारे पास डिफेंस को पढ़ने के लिए फुटेज नहीं होती थी। हालांकि, आज के समय में काफी वीडियो मौजूद हैं जिससे कि युवा खिलाड़ी को अपना गेम सुधारने में मदद मिलती है। आज के समय में एक रेडर को सफल होने के लिए कम से कम चार-पांच रेडिंग मूव की जानकारी होना अहम है। हालांकि, यदि वे रनिंग हैंड टच, बोनस प्वाइंट और टर्न पर अटैक करना सीख लें तो किसी भी डिफेंस के पास उनका जवाब नहीं होगा।”