ये मूव्स आपको अन्य प्लेयर्स से बेहतर बना सकते हैं।

कबड्डी को मिट्टी का खेल कहा जाता है और प्रो कबड्डी लीग के आगाज के बाद से ही इस खेल की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। देश और दुनिया में यह एक जाना-पहचाना खेल बन गया है। इस खेल में किसी प्लेयर को परफॉर्म करने के लिए खास तरह के स्किल्स की जरुरत पड़ती है। कबड्डी प्लेयर्स अब इंडिया में आइकन बन गए हैं और यंग जेनरेशन के हीरो हैं। कई युवा प्लेयर राहुल चौधरी और परदीप नरवाल जैसे खिलाड़ियों से प्रभावित हैं।

एक वर्ल्ड क्लास कबड्डी प्लेयर बनने के लिए शार्प माइंड, फुर्तीली बॉडी, फियरलेस एट्टीट्यूड और कई छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। फिटनेस भी इस खेल में काफी अहम है। किसी भी प्लेयर के लिए पूरी तरह से फिट होना काफी अहम है। हालांकि सिर्फ फिटनेस के आधार पर ही आप इस खेल में सफल नहीं हो सकते हैं। आपको अलग-अलग तरह के स्किल्स की भी जरुरत होती है।

आक्रामक स्किल्स

रेडर्स विरोधी टीम के हाफ में जाकर प्वाइंट लाने की कोशिश करते हैं। वो अलग-अलग तरीके से विरोधी टीम के प्लेयर्स को टच करने की कोशिश करते हैं। इसमें काफी स्किल की जरुरत पड़ती है। अगर पॉपुलर रेडिंग स्किल की बात करें तो टो टच, रनिंग हैंड टच, लायन जंप, बैक किक, साइडकिक और डुबकी है।

1.बैक किक – बैक किक कबड्डी में एक बहुत ही बेहतरीन स्किल मानी जाती है। इसमें एक रेडर डिफेंडर्स को अपना बैक दिखाकर चकमा देने की कोशिश करता है लेकिन बैक से ही किक लगाकर वो टच प्वॉइंट हासिल कर लेता है। कहीं-कहीं पर इसे “म्यूल किक” भी कहा जाता है।

2.डुबकी – इस मूव के लिए आपकी टाइमिंग काफी परफेक्ट होनी चाहिए और काफी तेजी से अपनी बॉडी को मूव करना होगा। डुबकी में रेडर्स चेन टैकल के बीच में आकर नीचे बैठता है और फिर सारे डिफेंडर्स को चकमा देकर निकल जाता है।

3.हैंड टच – हैंड टच एक प्रमुख स्किल है। इसमें उनके प्रो-एक्टिवनेस और रिफ्लेक्सन का टेस्ट होता है। स्टॉपिंग हैंड टच, टर्निंग हैंड टच और रनिंग हैंड टच कुछ ऐसे स्किल्स हैं जिसमें एक कबड्डी प्लेयर को महारत हासिल होनी चाहिए।

Pro Kabaddi League
प्रदीप नरवाल डुबकी किंग कहे जाते हैं।

4.लॉयन जंप – इस स्किल के लिए लीग में पवन सेहरावत काफी पॉपुलर हैं। लॉयन जंप को उन्होंने ही काफी प्रचलित किया है। इसमें काफी पॉवर की जरुरत होती है और रेडर्स को अपने टांग के दम पर जंप मारना होता है। लायन जंप में एक रेडर को डिफेंडर्स के ऊपर से जंप मारकर मिडलाइन तक पहुंचने की जरुरत होती है। इस मूव को करना आसान नहीं होता है।

5.साइडकिक – साइडकिक भी एक रेडर के लिए काफी बेहतरीन टेक्निक मानी जाती है। इसमें रेडर्स साइडकिक के जरिए डिफेंडर्स को टच करते हैं। इस स्किल के लिए आपको काफी तैयारी करनी पड़ती है और प्रैक्टिस करना पड़ता है।

6.टो टच – कबड्डी में टो टच भी काफी पॉपुलर स्किल है। इसके जरिए रेडर्स काफी ज्यादा प्वॉइंट हासिल करते हैं। रेडर्स अपने टो के जरिए डिफेंडर्स को टच करने की कोशिश करते हैं। अगर आपको इस स्किल में सफल होना है तो फिर स्पीड काफी होनी चाहिए।

डिफेंसिव स्किल्स

कबड्डी में डिफेंस की काफी अहमियत होती है। इसमें काफी स्ट्रेंथ, फियरलेस टैकल और पावर की जरुरत होती है। इस खेल में अगर डिफेंसिव स्किल की बात करें तो फिर एंकल होल्ड, थाई होल्ड, वेस्ट होल्ड, ब्लॉक, डैश और चैन टैकल प्रमुख हैं।

1.एंकल होल्ड – रविंदर पहल और सुरेंदर नाडा जैसे स्टार डिफेंडर्स अपने एंकल होल्ड के लिए जाने जाते हैं। एंकल होल्ड और डाइविंग एंकल होल्ड में टाइमिंग और डिफेंडर्स की तरफ से पूर्वानुमान की जरुरत होती है। इसमें डिफेंडर सटीक अनुमान के जरिए रेडर के पैर को पकड़कर खींच लेते हैं और उसे टचलाइन तक नहीं जाते हैं।

2.ब्लॉक – इस मूव के लिए आपकी बॉडी काफी स्ट्रांग होनी चाहिए। इसके अलावा आपका दिमाग भी हाई-रिस्क लेने के लिए तैयार होना चहिए। इस मूव में डिफेंडर, रेडर के ज्यादा अंदर आने का इंतजार करता है और फिर उसके रास्ते में आकर खड़ा हो जाता है और अपनी पूरी बॉडी के जरिए उसे रोकने की कोशिश करता है। इस मूव के लिए किसी भी डिफेंडर को सही पोजिशन में होना जरुरी है।

3.चेन टैकल – चेन टैकल एक ऐसी टेक्निक है जिसमें कई सारे डिफेंडर्स एक चेन बनाकर रेडर को रोकने का प्रयास करते हैं। दो या उससे ज्यादा डिफेंडर आपस में तालमेल बिठाकर रेडर का रास्ता रोक लेते हैं और उसे टचलाइन तक नहीं जाने देते हैं। इस स्किल के लिए पर्याप्त कॉर्डिनेशन और टीमवर्क की जरुरत होती है।

4.डैश – किसी भी रेडर को डैश करना कबड्डी के पॉपुलर स्किल्स में से एक है। इस स्किल के लिए डिफेंडर्स को अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए रेडर्स को साइडलाइन के बाहर गिरा देना होता है। कॉर्नर और कवर डिफेंडर्स आमतौर पर किसी भी रेडर को डैश करते हैं।

5.थाई होल्ड – इस स्किल में डिफेंडर्स रेडर्स के थाई को पकड़कर उसे रोकने की कोशिश करते हैं। इस स्किल के लिए परफेक्ट टाइमिंग और स्ट्रेंथ की काफी जरुरत होती है।

6.वेस्ट होल्ड – डिफेंस का एक और स्किल वेस्ट होल्ड भी है। इसमें एक डिफेंडर, रेडर के कमर को पकड़कर उसे रोकने की कोशिश करता है। डिफेंडर रेडर के कमर को पकड़कर उसे नीचे गिरा देता है। रण सिंह और संदीप नरवाल जैसे दिग्गज डिफेंडर्स इस स्किल में माहिर माने जाते हैं।