जमशेदपुर का अगला मैच गुरुवार को डिफेंडिंग चैम्पियन बेंगलुरू एफसी से होगा।

फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में इंडियन फुटबॉल टीम की कप्तानी करने वाले मिडफील्डर अमरजीत सिंह कियाम को सीनियर टीम का भी भविष्य माना जा रहा है। हेड कोच इगोर स्टीमाक ने भी अबतक अमरजीत पर भरोसा दिखाया है, लेकिन हाथ में चोट लगने के कारण वह पिछले कुछ समय से टीम से बाहर रहे हैं।

अमरजीत को सितंबर में ओमान के खिलाफ हुए मैच से पहले ट्रेनिंग के दौरान चोट लगी थी जिसके कारण वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में अपनी टीम जमशेदपुर एफसी के लिए भी नहीं खेल पाए हैं। हालांकि, अब वह अपनी इंजरी से रिकवर कर चुके हैं और मैदान पर वापसी करने के लिए तैयार हैं। ओडिशा एफसी के खिलाफ पिछले मैच में अमरजीत बेंच पर भी मौजूद थे।

अमरजीत ने माना कि इंजरी से रिकवर करने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी और इस दौरान जमशेदपुर के अनुभवी गोलकीपर सुबर्ता पॉल ने उनकी काफी मदद की और उन्हें लगातार मोटिवेट किया।

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) ने अमरजीत के हवाले से बताया, “मुझे इंजरी से रिकवर करते समय मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग रहने की जरूरत थी। ऐसे समय में अगर आपका आत्मविश्वास कम होता है तो बहुत मुश्किलें होती हैं। मुझे क्लब और नेशनल टीम के मेडिकल स्टाफ, मेरे परिवार और सुबर्ता पॉल ने बहुत सपोर्ट किया। खासकर सुबर्ता ने मेरी काफी मदद की।”

सुबर्ता ने एक सीनियर प्लेयर के तौर पर अमरजीत को सीख दी

अमरजीत ने कहा, “सुबर्ता हमेशा मुझसे कहते हैं कि तुम्हारा ​भविष्य बहुत अच्छा है, लेकिन यह तुम पर कि तुम कैसे काम करते हो। अगर तुम अभी रुक गए तो आगे चलकर एक बेहतर प्लेयर नहीं बन पाओगे। वह बताते हैं कि दिन खत्म होने के बाद तुम्हें यह पता होना चाहिए कि एक प्लेयर के रूप में तुम कितने बेहतर हुए और फिर अगली ट्रेनिंग में उसी पर काम करो। वह एक बहुत अच्छे इंसान हैं।”

“सुबर्ता ने मुझे याद दिलाया कि मैं अभी भी एक यंग प्लेयर हूं और मुझे फील्ड पर लौटने के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तब तक फील्ड पर न उतरो जबतक तुम्हारा आत्मविश्वास 200 प्रतिशत न हो और हमेशा मेडिकल स्टाफ की सुनो। उन्होंने मेरी बहुत मदद की है, वह मेरे गार्डियन एंजल हैं।”

2020 अमरजीत के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है और उन्होंने कहा कि इस साल उनका एकमात्र लक्ष्य इंडिया और जमशेदपुर के लिए लगातार फुटबॉल खेलना है।

अमरजीत ने कहा, “इस साल मेरा टार्गेट क्लब और इंडिया की टीम में वापसी करना है। मैं पिछले आईएसएल मैच में बेंच पर था लेकिन मैं हमेशा मौका मिलने का इंतजार करता हूं। मैं अच्छा खेलकर कोच को यह दिखाना चाहता हूं कि मैं दूसरो से बेहतर खिलाड़ी हूं और अगर उन्हें मुझपर भरोसा हो गया तो वह मुझे खेलने का मौका भी देंगे।”

जमशेदपुर की टीम फिलहाल, प्वॉइंट्स टेबल में 13 अंकों के साथ छठे स्थान पर काबिज है।