एफसी बार्सिलोना और अर्जेंटीना के स्टार प्लेयर लियोनल मेसी ने रिकॉर्ड छठी बार बैलॉन डि ओर का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस अवॉर्ड को जीतने के लिए उन्होंने नीदरलैंड्स के वर्जिल वेन डाइक और र्पुतगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पछाड़ा।

मेसी ने चार साल बाद यह अवॉर्ड जीता है। उन्होंने आखिरी बार 2015 में यह खिताब अपने नाम किया था। पिछले साल वह टॉप चार खिलाड़ियों में भी जगह नहीं बना पाए थे। इससे पहले, वह 2009, 2010, 2011, 2012, और 2015 में यह अवॉर्ड जीत चुके हैं।

32 साल के हो चुके मेसी ने 2018-19 में बार्सिलोना और अर्जेंटीना की नेशनल टीम के लिए कुल 54 गोल किए जिसके कारण उन्हें इस बार भी खिताब का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था। लिवरपूल के लिए खेलने वाले वेन डाइक दूसरे और युवेंट्स की टीम में शामिल रोनाल्डो तीसरे स्थान पर रहे।

मेसी के चिर प्रतिद्वंदी माने जाने वाले रोनाल्डो ने 2008, 2013, 2014, 2016 और 2017 में बैलॉन डि ओर अपने नाम किया था, लेकिन बार्सिलोना के​ खिलाड़ी ने इस बार खिताब जीतकर सबसे ज्यादा बार यह पुरस्कार जीतने के मामले में रोनाल्डो को भी पीछे कर दिया है।

अवॉर्ड जीतने के बाद मेसी ने कहा,”आज मेरा छठा बैलॉन डि ओर है और मुझे बहुत अलग महसूस हो रहा है। जैसा की मेरी वाइफ ने कहा कि आप कभी सपने देखना नहीं छोड़ते बल्कि खुद को बेहतर करने पर लगातार काम करते रहते हैं। मैं बहुत लकी हूं। मैं आशा करता हूं कि मैं लंबे समय तक अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखूंगा।”

मेसी ने कहा,”मुझे पता है​ कि एक दिन रिटायर होने का टाइम आएगा और वह टाइम मेरे लिए बहुत मुश्किल होगा, लेकिन मेरे पास अभी कई साल बाकी हैं। टाइम बहुत जल्दी निकल जाता है इसलिए मैं अपनी फैमली और फुटबॉल को इन्जॉय करना चाहता हूंं।”

इस बार मेसी के बैलॉन डि ओर जीतने का मतलब है कि पिछले 11 वर्षों में लगातार ला-लीगा में खेलने वाले खिलाड़ियों ने ही यह अवॉर्ड अपने नाम किया है। पिछले साल रियाल मैड्रिड और क्रोएशिया की नेशनल टीम के लिए खेलने वाले मिडफील्डर लूका मॉड्रिच ने यह खिताब जीता था।

दूसरी ओर, वुमेन्स बैलॉन डि ओर का अवॉर्ड अमेरिका की स्टार मेगन रैपिनो को मिला। रैपिनो को इसी साल हुए फीफा वर्ल्ड कप में गोल्डन बॉल और गोल्डन बूट का अवार्ड भी मिला था। उन्होंने इंग्लैंड की लूसी ब्रॉन्ज और अमेरिका की एलेक्स मॉर्गन को पछाड़ कर पुरस्कार अपने नाम किया।