इंडिया के यंग मिडफील्डर ने खेला नाओ से एक्सक्लूसिव बातचीत की।

यूएई से इंडिया वापस आने के फैसले ने मिडफील्डर सहल अब्दुल समद को न सिर्फ इंडियन फुटबॉल टीम तक पहुंचाया बल्कि उन्हें टीम का एक अहम हिस्सा भी बना दिया।

इंडिया वापस आने का निर्णय लेना सहल के लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने यह रिस्क लिया और आज वह इंडियन फुटबॉल के सुपरस्टार बन गए हैं। वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में खेलने वाली टीम केरला ब्लास्टर्स का भी अहम हिस्सा हैं और हेड कोच एल्को शैटोरी भी उनपर काफी भरोसा करते हैं।

22 साल के सहल ने इंडिया वापस आकर फुटबॉल खेलने के अपने फैसले पर कहा, “यूएई से इंडिया वापस आना मेरी लाइफ का सबसे बढ़िया फैसला था। मरे पापा और भाई ने इसमें मेरी काफी मदद की। उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैं केरला वापस आता हूं तो मैं अपनी पढ़ाई और फुटबॉल दोनों को आगे बढ़ा पाउंगा।”

सहल ने कहा, “सपने सच्च होतो हैं। मैं यहां आया और इंडियन फुटबॉल टीम के लिए भी खेला, लेकिन अभी भी सबकुछ पूरा नहीं हुआ है। अभी मुझे बहुत फुटबॉल खेलनी है और मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं।”

इंडिया के हेड कोच इगोर स्टीमाक ने सहल पर अबतक काफी भरोसा जताया है और उन्हें टीम में लगातार मौके दिए हैं। सहल ने मुस्कुराते हुए बताया, “इंडियन टीम के लिए खेलकर बहुत अगल महसूस होता है। टीम का ड्रेसिंग रूम शानदार है और मैं उन सभी सीनियर प्लेयर्स के साथ खेल पा रहा हूं जिनके साथ खेलने का कभी मैंने सपना देखा था। यह किसी सपने के सच होने जैसा है।”

सुनील छेत्री ने काफी मदद की

सहल ने इंडियन फुटबॉल पर बात करते हुए कैप्टन फैनटास्टिक सुनील छेत्री की काफी तारीफ की और कहा कि वह हमेशा उन्हें गाइड करते हैं और उनकी मदद भी करते हैं।

उन्होंने कहा, “सुनील भाई फील्ड पर और फील्ड के बाहर हर चीज में मेरी मदद करते हैं। वह लब मुझसे पहली बार मिले उन्होंने प्रेक्टिस, रेस्ट और डाइट के बारे में मुझे बताया। मैं अभी भी उनके गाइडेंस को फॉलो करता हूं। एक लंबे करियर के लिए यह सभी चीजें बहुत महत्वपूर्ण होती है।”

सहल ने बताया, “अगर छेत्री भाई किसी को अपनी डाइट खराब करते हुए देख लेते हैं तो उसी समय उसे रोकते हैं। वह हम सभी के लिए एक रोल मॉडल हैं।”

आईएसएल में केरला के लिए सहल ने 2017-18 सीजन में डेब्यू किया था। पिछले साल उन्हें ‘आईएसएल इम​रजिंग प्लेयर ऑफ द इयर’ और ‘फीफा इमरजिंग प्लेयर द इयर’ भी चुना गया था।