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जानिए क्यों PKL 10 में अर्जुन देशवाल की जगह आशु मलिक को मिला बेस्ट रेडर का अवॉर्ड?

Sawan has been writing about multiple sports like Kabaddi, Cricket, Badminton and others since 2017.
Published at :March 3, 2024 at 12:34 AM
Modified at :March 3, 2024 at 12:34 AM
जानिए क्यों PKL 10 में अर्जुन देशवाल की जगह आशु मलिक को मिला बेस्ट रेडर का अवॉर्ड?

दोनों ही रेडर्स के प्वॉइंट इस सीजन बराबर थे।

पीकेएल के 10वें सीजन (PKL 10) का समापन हो चुका है और पुनेरी पलटन ने इस बार का टाइटल जीता। हरियाणा स्टीलर्स की टीम रनर-अप रही। अगर अवॉर्ड्स की बात करें तो दबंग दिल्ली के कप्तान आशु मलिक को पीकेएल के 10वें सीजन का बेस्ट रेडर चुना गया। हालांकि उनके और अर्जुन देशवाल के प्वॉइंट बराबर ही थे। आशु मलिक ने 23 मैचों में 276 प्वॉइंट लिए थे और अर्जुन देशवाल के भी इतने ही मैचों में 276 प्वॉइंट थे।

अर्जुन देशवाल ने बल्कि ये प्वॉइंट्स हासिल करने के लिए आशु मलिक से कम रेड लिए थे। इसके अलावा उन्होंने आशु मलिक से ज्यादा सुपर-10 भी लगाया था। अर्जुन देशवाल के 17 और आशु मलिक के 15 ही सुपर-10 थे, लेकिन इन सबके बावजूद सीजन का बेस्ट रेडर आशु मलिक को ही चुना गया। इसकी कई बड़ी वजह रही। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि बराबर प्वॉइंट रहने के बावजूद क्यों अर्जुन देशवाल की बजाय आशु मलिक को पीकेएल के 10वें सीजन का बेस्ट रेडर चुना गया।

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इन कारणों के चलते अर्जुन की बजाय आशु मलिक को PKL 10 का बेस्ट रेडर चुना गया:

1. अर्जुन देशवाल को पिछले सीजन अवॉर्ड मिल चुका था

अर्जुन देशवाल की अगर बात करें तो उन्हें पीकेएल के 9वें सीजन का बेस्ट रेडर चुना गया था। उन्होंने पिछले सीजन के दौरान 24 मैचों में 396 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। जयपुर पिंक पैंथर्स को चैंपियन बनाने में उनका अहम योगदान रहा था। इसी वजह से उन्हें 9वें सीजन का बेस्ट रेडर चुना गया था। इस बार शायद इसी वजह से उन्हें ये अवॉर्ड नहीं दिया गया कि उनकी जगह किसी दूसरे रेडर को ये सम्मान उसका हौंसला बढ़ाया जाए।

2. आशु मलिक ने नवीन कुमार की गैरमौजूदगी में टीम का भार अकेले संभाला

नवीन कुमार ने पीकेएल में जबसे अपना डेब्यू किया है, उन्होंने दबंग दिल्ली के लिए ही खेला है। टीम को सातवें सीजन में उन्होंने फाइनल तक पहुंचाया था और आठवें सीजन में चैंपियन भी बनाया। हालांकि इस सीजन के दौरान इंजरी की वजह से वो महज 6 मैच खेलने के बाद ही बाहर हो गए थे। नवीन कुमार के बाहर होने के बाद ऐसा लगा था कि जैसे दबंग दिल्ली की टीम पूरी तरह से बिखर जाएगी लेकिन आशु मलिक ने ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने दिया।

उन्होंने नवीन कुमार की गैरमौजूदगी में टीम के रेडिंग की जिम्मेदारी को बखूबी संभाला। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नवीन कुमार के बाहर होने के बाद टीम ने लगातार पांच से ज्यादा मैच जीते थे। उन्होंने रेडिंग में टीम के लिए अकेले लगातार प्वॉइंट लिए। शायद यही वजह है कि उन्हे सीजन का बेस्ट रेडर चुना गया।

3.असलम को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का अवॉर्ड देना था

आशु मलिक को बेस्ट रेडर का अवॉर्ड देने का एक बड़ा कारण असलम ईनामदार का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर बनना भी हो सकता है। असलम ईनामदार ने इस सीजन 23 मैच खेलते हुए 142 रेड प्वॉइंट्स और 26 टैकल प्वॉइंट्स हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने कप्तान के रूप में बहुत लाजवाब प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर ऑफ द सीजन के अवॉर्ड से नवाजा गया। असलम मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुन लिए गए और अर्जुन देशवाल को बेस्ट रेडर का अवॉर्ड देना नहीं था, क्योंकि वो पिछले सीजन ये अवॉर्ड जीत चुके थे तो ऐसे में आशु मलिक ही एकमात्र विकल्प बचते थे।

4. एक उभरते हुए चेहरे को अवॉर्ड देकर उसका मनोबल बढ़ाना

आशु मलिक का पीकेएल करियर अभी ज्यादा लंबा नहीं है। उन्होंने 8वें सीजन के दौरान अपना डेब्यू किया था और तबसे अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। आठवें सीजन के दौरान आशु ने 8 मैचों में 59 प्वॉइंट लिए थे। इसके बाद 9वें सीजन के दौरान 23 मैचों में 158 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे और इस सीजन कुल मिलाकर 280 प्वॉइंट लिए। अगर हम देखें तो सीजन दर सीजन आशु मलिक के परफॉर्मेंस का स्तर ऊपर ही उठता गया है। ऐसे में उनको मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का अवॉर्ड देकर उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश की गई है, ताकि आने वाले सीजन में वो और भी बेहतर प्रदर्शन करें।

5. कम अनुभव होते हुए भी शानदार प्रदर्शन किया

आशु मलिक के पास अभी ज्यादा अनुभव नहीं है। अगर हम उनके ओवरऑल करियर की बात करें तो उन्होंने अभी तक कुल मिलाकर 68 मैच खेले हैं। इतना कम एक्सपीरियंस होने के बावजूद आशु मलिक ने इस सीजन एक मैच्योर रेडर की तरह खेला। उन्हें बीच सीजन अचानक टीम की कप्तानी दी गई थी लेकिन इसके बावजूद वो एक बहुत ही मैच्योर रेडर की तरह खेले।

उनकी टीम की तरफ से दूसरा कोई भी रेडर प्वॉइंट नहीं ला रहा था लेकिन इसके बावजूद आशु मलिक ने हार नहीं मानी और अपनी टीम की तरफ से अकेले ही लड़ते रहे। हर एक मैच में वो रेडिंग में प्वॉइंट लाते रहे और टीम को जीत दिलाते रहे। शायद यही वजह है कि उन्हें सीजन का बेस्ट रेडर चुना गया।

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