फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाले सभी कप्तानों की लिस्ट

1930 से लेकर अब तक 22 कप्तान फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीत चुके हैं।
फीफा वर्ल्ड कप जीतना किसी भी फुटबॉलर के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, लेकिन किसी टीम की कप्तानी करते हुए यह ट्रॉफी उठाना उससे भी बड़ा सम्मान होता है। पिछले 22 संस्करणों में कई महान खिलाड़ियों ने नेतृत्व करते हुए अपनी टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाया और इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया।
दिलचस्प बात यह है कि अब तक कोई भी खिलाड़ी दो बार कप्तान के रूप में फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी नहीं जीत सका है। 1930 से लेकर अब तक जोस नसाजी से लेकर लियोनेल मेसी तक हर कप्तान ने अलग-अलग दौर में अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए वर्ल्ड फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर सफलता हासिल की है। आइए देखते हैं फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाले कप्तानों की पूरी लिस्ट।
ये है फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाले कप्तानों की पूरी लिस्ट
1. जोस नसाजी (उरुग्वे) – 1930
जोस नसाजी फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले पहले कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में मेजबान उरुग्वे ने 1930 के फाइनल में अर्जेंटीना को 4-2 से हराकर इतिहास का पहला फीफा वर्ल्ड कप अपने नाम किया और वर्ल्ड फुटबॉल के नए युग की शुरुआत की।
2. जियाम्पिएरो कोम्बी (इटली) – 1934
जियाम्पिएरो कोम्बी की कप्तानी में इटली ने पहली बार फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थी। रोम में खेले गए फाइनल में मेजबान इटली ने चेकोस्लोवाकिया को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हराकर वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था
3. ज्यूसेप्पे मेआज़ा (इटली) – 1938
ज्यूसेप्पे मेआज़ा की कप्तानी में इटली ने लगातार दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थी। फ्रांस में आयोजित हुए टूर्नामेंट के फाइनल में इटली ने हंगरी को 4-2 से हराया। इस मुकाबले में सिल्वियो पियोला ने दो गोल करके टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
4. ओब्दुलियो वरेला (उरुग्वे) – 1950
ओब्दुलियो वरेला की कप्तानी में उरुग्वे ने फाइनल में एक बड़ा उलटफेर किया था। रियो डी जेनेरियो के माराकाना स्टेडियम में खेले गए अंतिम निर्णायक मुकाबले में उरुग्वे ने मेजबान ब्राजील को 2-1 से हराकर दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।
5. फ्रिट्ज वाल्टर (पश्चिम जर्मनी) – 1954
फ्रिट्ज वाल्टर की कप्तानी में पश्चिम जर्मनी ने 1954 के फाइनल में मजबूत हंगरी को 3-2 से हराकर पहला फीफा वर्ल्ड कप जीता। इस ऐतिहासिक जीत को आज भी फुटबॉल इतिहास में “मिरेकल ऑफ बर्न” के नाम से जाना जाता है।
6. हिल्डेराल्डो बेलिनी (ब्राजील) – 1958
हिल्डेराल्डो बेलिनी की कप्तानी में ब्राजील ने पहली बार फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती। स्वीडन में खेले गए फाइनल में ब्राजील ने मेजबान स्वीडन को 5-2 से हराया। इसी टूर्नामेंट में 17 वर्षीय पेले ने दुनिया को अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।
7. मौरो रामोस (ब्राजील) – 1962
मौरो रामोस की कप्तानी में ब्राजील ने लगातार दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप अपने नाम किया। चिली में खेले गए फाइनल में ब्राजील ने चेकोस्लोवाकिया को 3-1 से हराया। पेले चोट के कारण इस टूर्नामेंट में नहीं खेल सके थे, लेकिन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना खिताब बरकरार रखा था।
8. बॉबी मूर (इंग्लैंड) – 1966
बॉबी मूर की कप्तानी में इंग्लैंड ने अपना पहला और अब तक का एकमात्र फीफा वर्ल्ड कप जीता था। वेम्बली स्टेडियम में खेले गए फाइनल में उनकी टीम ने पश्चिम जर्मनी को एक्स्ट्रा टाइम में 4-2 से हराया था। इस मुकाबले में ज्योफ हर्स्ट ने फीफा वर्ल्ड कप फाइनल इतिहास की पहली हैट्रिक लगाकर इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई थी।
9. कार्लोस अल्बर्टो टोरेस (ब्राजील) – 1970
कार्लोस अल्बर्टो टोरेस ने 1970 में ब्राजील की महान टीम का नेतृत्व किया। मेक्सिको सिटी में खेले गए फाइनल में ब्राजील ने इटली को 4-1 से हराकर तीसरी बार वर्ल्ड कप जीता। उस मुकाबले में टोरेस का शानदार गोल आज भी फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के सर्वश्रेष्ठ टीम गोलों में गिना जाता है।
10. फ्रांज बेकेनबाउर (पश्चिम जर्मनी) – 1974
फ्रांज बेकेनबाउर की कप्तानी में पश्चिम जर्मनी ने घरेलू मैदान पर दूसरा फीफा वर्ल्ड कप जीता। म्यूनिख में खेले गए फाइनल में पश्चिम जर्मनी ने नीदरलैंड को 2-1 से हराया। बेकेनबाउर ने अपने नेतृत्व और शानदार प्रदर्शन से टीम को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।
11. डेनियल पासारेला (अर्जेंटीना) – 1978
डेनियल पासारेला की कप्तानी में अर्जेंटीना पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बना था। ब्यूनस आयर्स में खेले गए फाइनल में अर्जेंटीना ने एक्स्ट्रा टाइम में नीदरलैंड को 3-1 से हराया था। उस मुकाबले में मारियो केम्पेस ने दो गोल कर टीम की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई थी।
12. डिनो जोफ (इटली) – 1982
डिनो जोफ फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान हैं। उन्होंने स्पेन में आयोजित हुए टूर्नामेंट के फाइनल में 40 वर्ष की उम्र में इटली को पश्चिम जर्मनी के खिलाफ 3-1 की जीत दिलाई थी। पाओलो रोसी के शानदार प्रदर्शन ने इस खिताब में बड़ी भूमिका निभाई थी।
13. डिएगो माराडोना (अर्जेंटीना) – 1986
डिएगो माराडोना की कप्तानी में अर्जेंटीना ने 1986 का फीफा वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। मेक्सिको सिटी में खेले गए फाइनल में अर्जेंटीना ने पश्चिम जर्मनी को 3-2 से हराया था। उस पूरे टूर्नामेंट में माराडोना के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल कर दिया था।
14. लोथार मैथाउस (पश्चिम जर्मनी) – 1990
लोथार मैथाउस की कप्तानी में पश्चिम जर्मनी ने तीसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीती। रोम में खेले गए फाइनल में पश्चिम जर्मनी ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था। एंड्रियास ब्रेमे के पेनल्टी गोल ने टीम को जीत दिलाई और यह पश्चिम जर्मनी के नाम से आखिरी वर्ल्ड कप खिताब भी रहा।
15. डुंगा (ब्राजील) – 1994
डुंगा की कप्तानी में ब्राजील ने 24 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की थी। यूएसए में खेले गए फाइनल में इटली के खिलाफ मुकाबला 0-0 से बराबर रहा, जिसके बाद ब्राजील ने पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से जीत दर्ज कर चौथा वर्ल्ड कप खिताब जीता था।
16. डिडिएर डेशॉम्प (फ्रांस) – 1998
डिडिएर डेशॉम्प की कप्तानी में फ्रांस पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बना। पेरिस में खेले गए फाइनल में मेजबान फ्रांस ने ब्राजील को 3-0 से हराया। जिनेदिन जिदान ने दो हेडर गोल करके फ्रांस की ऐतिहासिक जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई।
17. काफू (ब्राजील) – 2002
काफू की कप्तानी में ब्राजील ने रिकॉर्ड पांचवीं बार फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती। योकोहामा में खेले गए फाइनल में ब्राजील ने जर्मनी को 2-0 से हराया, जिसमें रोनाल्डो ने दोनों गोल किए थे। बता दें कि, काफू लगातार तीन फीफा वर्ल्ड कप फाइनल (1994, 1998 और 2002) खेलने वाले अब तक के इकलौते खिलाड़ी भी हैं।
18. फैबियो कैनावारो (इटली) – 2006
फैबियो कैनावारो की कप्तानी में इटली ने चौथी बार फीफा वर्ल्ड कप जीता था। बर्लिन में खेले गए फाइनल में फ्रांस के खिलाफ मुकाबला 1-1 से बराबर रहा, जिसके बाद इटली ने पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम की। यह मैच जिदान के हेडबट की घटना के लिए भी याद किया जाता है।
19. आइकर कैसियास (स्पेन) – 2010
आइकर कैसियास की कप्तानी में स्पेन पहली बार फीफा वर्ल्ड कप चैंपियन बना था। 2010 में जोहान्सबर्ग में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्पेन ने एक्स्ट्रा टाइम में नीदरलैंड को 1-0 से हराया था और खिताब जीता था। आंद्रेस इनिएस्ता ने 116वें मिनट में विजयी गोल कर स्पेन को ऐतिहासिक सफलता दिलाई थी।
20. फिलिप लाम (जर्मनी) – 2014
फिलिप लाम की कप्तानी में जर्मनी ने एकीकृत राष्ट्र के रूप में अपना पहला फीफा वर्ल्ड कप जीता था। उन्होंने 1954 से लेकर 1994 तक पश्चिम जर्मनी के नाम से टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। रियो डी जेनेरियो में खेले गए फाइनल में एक्स्ट्रा टाइम में मारियो गोट्जे के 113वें मिनट के गोल की बदौलत जर्मनी ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था।
21. ह्यूगो लॉरिस (फ्रांस) – 2018
ह्यूगो लॉरिस की कप्तानी में फ्रांस दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बना। मॉस्को में खेले गए फाइनल में फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। उस समय किलियन एम्बाप्पे वर्ल्ड कप फाइनल में गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए थे।
22. लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना) – 2022

लियोनेल मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने 36 साल बाद तीसरी बार फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थी। कतर में खेले गए रोमांचक फाइनल में फ्रांस के खिलाफ मुकाबला 3-3 से बराबर रहा, जिसके बाद अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से जीत दर्ज की। मेसी ने दो गोल किए, जबकि फ्रांस किलियन एम्बाप्पे की हैट्रिक के बावजूद फ्रांस खिताब नहीं बचा सका।
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