बलवन सिंह बने भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के हेड कोच, बीसी रमेश निभाएंगे असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी
बलवन सिंह 10 साल बाद भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कोच के तौर पर लौटे हैं।
अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (AKFI) ने आगामी एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के नए कोचिंग पैनल की घोषणा कर दी है। फेडरेशन ने भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने और एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल का बचाव करने के लिए अनुभवी चेहरों पर भरोसा जताया है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी। इस टूर्नामेंट में उसे ईरान से बड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है। वहीं, टीम के कोचिंग सेटअप में बलवन सिंह के साथ बीसी रमेश और नीरज कुमार की जिम्मेदारियां भी अहम होंगी।
बलवन सिंह संभालेंगे हेड कोच की कमान
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AKFI ने द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित बलवन सिंह को भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हेड कोच नियुक्त किया है। बलवन सिंह के पास भारतीय कबड्डी में कोचिंग का लंबा अनुभव है और वह पहले भी राष्ट्रीय टीम के साथ बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में काम कर चुके हैं।
उनके कोचिंग करियर में 2010 ग्वांगझू और 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में भारतीय टीम के गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड शामिल है। इसके अलावा वह 2016 कबड्डी वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा भी रहे थे।
बीसी रमेश को मिली असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कोचिंग पैनल में बीसी रमेश को असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी दी गई है। वह भारतीय कबड्डी के अनुभवी नामों में शामिल हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।
रमेश 1998 बैंकॉक और 2002 बुसान एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे। अब कोचिंग स्टाफ में उनकी भूमिका भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियों के लिए अहम होगी।
इन दो दिग्गजों के अलावा, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ में नीरज कुमार को स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच की जिम्मेदारी मिली है। उनकी भूमिका खिलाड़ियों की शारीरिक तैयारी, ताकत और सहनशक्ति को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगी।
गोल्ड मेडल बचाने उतरेगी भारतीय टीम
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम को ग्रुप ए में जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे के साथ रखा गया है। वहीं, ईरान ग्रुप बी में है। दोनों ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
बता दें कि, भारत ने एशियन गेम्स 2022 में गोल्ड मेडल जीता था। इस बार टीम में 12 खिलाड़ियों में से आठ पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे, जबकि चार खिलाड़ी 2022 की गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रह चुके हैं। ऐसे में अनुभवी कोचिंग स्टाफ के सामने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की चुनौती होगी।
अब नई नियुक्तियों के बाद बलवन सिंह का अनुभव, बीसी रमेश की कोचिंग विशेषज्ञता और नीरज कुमार की फिटनेस तैयारी के साथ भारतीय टीम एशियन गेम्स 2026 में अपना खिताब बचाने की कोशिश करेगी।
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