3 बेहतरीन रेडर जो एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा हैं
एशियन गेम्स 2026 में कबड्डी प्रतियोगिता 21 सितंबर से शुरू होगी।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम एक बार फिर गोल्ड मेडल की सबसे बड़ी दावेदार के रूप में उतरेगी। भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी के पिछले सात संस्करणों में 2018 छोड़कर लगातार सभी सीजन में गोल्ड मेडल जीते हैं। अब उनकी नजर इस सिलसिले को आगे बढ़ाने पर होगी। इस बार टीम में अनुभव के साथ युवा जोश का भी अच्छा मिश्रण देखने को मिल रहा है।
एशियन गेम्स 2026 में कबड्डी प्रतियोगिता 21 से 26 सितंबर तक जापान के टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में खेली जाएगी। भारत अपने अभियान की शुरुआत 22 सितंबर को दक्षिण कोरिया के खिलाफ करेगा। ऐसे में आइए जानते हैं भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के उन तीन रेडर्स के बारे में, जिन पर इस टूर्नामेंट में सभी की नजरें रहेंगी।
इन तीन भारतीय रेडर्स पर एशियन गेम्स 2026 में रहेंगी सभी की नजरें
Catch Every Update, Anytime, Anywhere
3. अयान लोचब

20 साल के अयान लोचब भारतीय टीम की रेडिंग यूनिट में युवा ऊर्जा लेकर आए हैं। पटना पाइरेट्स के लिए खेलने वाले अयान ने बहुत कम समय में प्रो कबड्डी लीग में अपनी पहचान बनाई है। उनकी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की सबसे बड़ी वजह PKL 12 में किया गया शानदार प्रदर्शन रहा।
PKL 12 में अयान ने 316 रेड पॉइंट्स हासिल किए और सीजन के टॉप रेडर्स में शामिल रहे। इससे पहले अपने डेब्यू सीजन में भी उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। PKL 11 में पटना पाइरेट्स के लिए खेलते हुए अयान ने 184 रेड पॉइंट्स हासिल किए थे। उस सीजन में उन्होंने टीम को फाइनल तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें ‘न्यू यंग प्लेयर’ अवॉर्ड भी मिला था। अब राष्ट्रीय टीम में चयन के बाद अयान के सामने खुद को बड़े मंच पर साबित करने की चुनौती होगी। भारत के लिए उनकी युवा ऊर्जा और आक्रामक रेडिंग अहम साबित हो सकती है।
2. देवांक दलाल

भारतीय रेडिंग यूनिट में देवांक दलाल का अनुभव और निरंतरता टीम के लिए काफी अहम हो सकती है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले देवांक ने प्रो कबड्डी लीग में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाई है।
PKL 12 में बंगाल वॉरियर्ज के लिए खेलते हुए देवांक ने 272 रेड पॉइंट्स हासिल किए। इससे पहले PKL 11 में पटना पाइरेट्स के साथ उनका प्रदर्शन और भी शानदार रहा था। उस सीजन में उन्होंने 301 रेड पॉइंट्स बनाए और 18 सुपर 10 अपने नाम किए थे।
देवांक की खासियत सिर्फ उनके रेड पॉइंट्स तक सीमित नहीं है। पिछले दो PKL सीजन में उन्होंने अलग-अलग मजबूत टीमों के लिए खेलते हुए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और उनका औसत 16 से ज्यादा रेड पॉइंट्स प्रति मैच रहा। इसी निरंतरता ने उन्हें भारतीय टीम में डेब्यू का मौका दिलाया।
1. अर्जुन देशवाल

अगर भारतीय टीम को रेडिंग में अनुभव और निरंतरता की जरूरत होगी, तो अर्जुन देशवाल उस भूमिका के लिए सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक होंगे। उन्हें ‘रेड मशीन’ के नाम से जाना जाता है और वह पहले भी एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
अर्जुन ने 2022 एशियन गेम्स में भारतीय टीम के साथ गोल्ड मेडल जीता था। यह प्रतियोगिता 2023 में हांगझोउ में आयोजित हुई थी। अब उनके पास लगातार दूसरे एशियन गेम्स में भारत के लिए खेलने और टीम के अनुभव को आगे ले जाने का मौका है।
PKL में अर्जुन का रिकॉर्ड भी उनकी क्षमता को दिखाता है। जयपुर पिंक पैंथर्स के साथ PKL 9 में उन्होंने 296 रेड पॉइंट्स हासिल किए थे और उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया था। इसी सीजन में वह एक सीजन में 200 रेड पॉइंट्स तक पहुंचने वाले सबसे तेज रेडर भी बने थे।
अब तक के PKL करियर में अर्जुन के नाम 1,380 रेड पॉइंट्स हैं। वह ऑल टाइम रेड पॉइंट्स की सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जहां उनसे आगे प्रदीप नरवाल और मनिंदर सिंह हैं। ऐसे में उनकी तेजी, रिफ्लेक्स और अनुभव भारत की युवा रेडिंग जोड़ी अयान और देवांक के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
हालांकि, भारत के सामने ईरान, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश जैसी टीमों की चुनौती होगी। इसलिए इन तीनों रेडर्स को विपक्षी डिफेंस के खिलाफ लगातार प्रभाव डालना होगा। खास तौर पर अर्जुन का अनुभव और अयान-देवांक की युवा ऊर्जा भारत के अभियान में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
For more updates, follow Khel Now on Facebook, Twitter, and Instagram; download the Khel Now Android App or IOS App and join our community on Telegram.
