क्या एमएस धोनी और CSK के रिश्तों में आई खटास? जानिए आखिर क्या है मामला
(Courtesy : Getty Images)
एमएस धोनी और CSK के रिश्तों में खटास की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
एमएस धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का रिश्ता आईपीएल के सबसे खास रिश्तों में से एक रहा है। 2008 में टूर्नामेंट की शुरुआत से चेन्नई का हिस्सा रहे धोनी ने टीम को कई यादगार सफलताएं दिलाईं। यही वजह है कि फ्रेंचाइजी के साथ उनके भविष्य को लेकर सामने आने वाली हर खबर फैंस का ध्यान खींचती है।
हालांकि, अब एक रिपोर्ट में एमएस धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हुई एक अहम बातचीत को लेकर दावा किया गया है। यह मामला मैदान पर प्रदर्शन या कप्तानी से अलग है और फ्रेंचाइजी में धोनी की हिस्सेदारी से जुड़ा बताया जा रहा है। इस बातचीत में क्या हुआ और आखिर दोनों पक्षों के बीच सहमती क्यों नहीं बन सकी, आइए विस्तार से जानते हैं।
धोनी और CSK के बीच असहमति का क्या कारण है?
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रिपोर्ट के मुताबिक, एमएस धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स में हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। उनका उद्देश्य फ्रेंचाइजी के साथ अपने लंबे जुड़ाव को एक अलग भूमिका के जरिए आगे बढ़ाना था।
इस ऑफर को लेकर धोनी और सुपर किंग्स फ्रेंचाइजी के बीच बातचीत शुरू हुई। हालांकि, दोनों पक्ष हिस्सेदारी के प्रतिशत को लेकर एकमत नहीं थे, जिसके चलते बातचीत आगे बढ़ने के साथ दोनों तरफ से ऑफर में बदलाव भी किए गए।
धोनी ने CSK में कितनी हिस्सेदारी मांगी थी?
CricBlogger की रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत की शुरुआत में धोनी की ओर से CSK में 25% हिस्सेदारी लेने की इच्छा जताई गई थी। यह फ्रेंचाइजी में एक बड़ा हिस्सा होता और इसके जरिए धोनी का चेन्नई के साथ जुड़ाव सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर नहीं रहता।
लेकिन सीएसके की ओर से शुरुआत में इससे काफी कम हिस्सेदारी की पेशकश किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच अपनी-अपनी शर्तों को लेकर बातचीत आगे बढ़ी।
बातचीत के दौरान क्या बदलाव हुआ?
रिपोर्ट में बताया गया है कि आगे की चर्चा में धोनी ने अपनी हिस्सेदारी की मांग को कम किया। उनकी तरफ से प्रस्तावित हिस्सेदारी पहले 25 फीसदी से घटकर 20 फीसदी और फिर 18 फीसदी तक आने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
दूसरी तरफ, CSK की ओर से भी ऑफर में बदलाव हुआ। शुरुआत में कम हिस्सेदारी की पेशकश के बाद फ्रेंचाइजी की तरफ से यह आंकड़ा बढ़ाया गया, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अंतर फिर भी काफी ज्यादा रहा।
आखिर कितनी हिस्सेदारी पर नहीं बनी सहमति?
रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के अंतिम चरण में धोनी 18 फीसदी हिस्सेदारी के लिए तैयार थे। वहीं सुपर किंग्स की ओर से कथित तौर पर 5.5 फीसदी हिस्सेदारी का ऑफर रखा गया।
दोनों ऑफर्स के बीच बड़ा अंतर होने के कारण बातचीत किसी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंच सकी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस पूरी बातचीत को लेकर अभी तक एमएस धोनी या चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
क्या इसी वजह से रिश्तों में आई खटास?
चेन्नई सुपर किंग्स फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी को लेकर बातचीत का किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना निश्चित तौर पर दोनों पक्षों के बीच समीकरण को लेकर सवाल खड़े करता है। लेकिन सिर्फ इस रिपोर्ट के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि धोनी और CSK के रिश्ते खराब हो गए हैं।
धोनी और CSK की साझेदारी आईपीएल के सबसे सफल अध्यायों में से एक रही है। धोनी की कप्तानी में टीम ने कई खिताब जीते और उन्होंने फ्रेंचाइजी को एक मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसलिए किसी भी बड़े बदलाव की पुष्टि केवल आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही की जा सकती है।
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