एटीके-मोहन बागान को चैम्पियंस लीग के लिए तैयार करना चाहते हैं क्लब के मालिक
क्लब ने शुक्रवार को नए नाम, लोगो और जर्सी की घोषणा की।
एटीके-मोहन बागान प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार को कहा कि वे मोहन बागान के 131 साल की लेगेसी को ध्यान में रखते हुए ग्रीन और मरून जर्सी का ही इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने क्लब के नए लोगो और नाम की भी घोषणा की।
इस साल जनवरी में खेल नाओ ने आपको बताया था कि एटीके के मालिकाना हक वाली कंपनी आरपीएसजी ग्रुप ने मोहन बागान में मेजोरटी शेयर हासिल कर लिए हैं और नई टीम इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के आगामी सीजन में हिस्सा लेगी।
क्लब में आरपीएसजी ग्रुप के 80 परसेंट शेयर हैं जबकि मोहन बागान के मालिकाना हक वाली कंपनी मोहन बागान फुटबॉल क्लब (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के पास 20 परसेंट शेयर हैं। साल 1889 में अस्तित्व में आया मोहन बागान दुनिया के सबसे पुराने फुटबॉल क्लबों में एक है और इसने पिछले सीजन आई-लीग का खिताब भी जीता था।
एटीके-मोहन बागान प्राइवेट लिमिटेड के प्रिंसिपल ओनर संजीव गोयंका ने कहा, "मैं उन लेजेंड्स को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने अबतक मोहन बागान की सफलता में योगदान दिया है। मैं इस नए सफर में उनका आर्शीवाद चाहता हूं, मोहन बागान बचपन से ही मेरे दिल के बहुत करीब रहा है और मैंने इस क्लब को बेहतरीन फुटबॉल खेलते हुए भी देखा है। मेरा सपना है कि मैं एटीके मोहन बागान को एक वर्ल्ड क्लास टीम बनाऊ जो इंटरनेशनल सर्किट में दमदार प्रदर्शन करे।"

"हम अब आईएसएल और आई-लीग दोनों में नहीं खेल सकते। हम सिर्फ आईएसएल में खेलेंगे, लेकिन हमारी कोशिश होगी कि हम बाकी लीगों में भी खेलें और मैं सिर्फ इसे लोकल या नेशनल लीग तक सीमित नहीं रखना चाहता। मैं समझता हूं कि हमें खुद को बिल्ड करना होगा, अपनी स्ट्रेंथ पर काम करना होगा और इंटरनेशनल टूर्नामेंट्स में भी भाग लेने की कोशिश करनी होगी। मेरा टार्गेट एएफसी चैम्पियंस लीग है और हमें उसकी तैयारी करनी होगी, हमें उसमे खेलना होगा।"
क्लब के को-ओनर सौरभ गांगुली ने भी खुशी जताते हुए कहा, "मैं एटीके और मोहन बागान के एकसाथ आने से बहुत खुश हूं। मुझे यकीन है कि एकसाथ यह ब्रैंड नई उपलब्धियां हासिल करेगा।"
क्लब यह कोशिश करेगा कि खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और बड़े-बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए टॉप क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर मिले और टीम लगातार सफलता हासिल करे।
