PKL एक्सक्लूसिव: पटना पाइरेट्स के खिलाफ खेलते समय सारी टीमें दबाव में रहती हैं - नीरज कुमार

(Courtesy : PKL)
तीन बार की चैंपियन टीम बीते सीजन महज एक प्वॉइंट से टाइटल नहीं जीत पाई थी।
प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के आगामी सीजन के लिए पटना पाइरेट्स ने पूरी तरह से कमर कस ली है। टीम इस वक्त अपनी तैयारियों में जुटी हुई है। पिछली बार की तरह पटना पाइरेट्स इस बार भी अपने डिफेंस के बूते पर टूर्नामेंट में अच्छा करने की बात कर रही है। टीम ने बीते सीजन के सभी कोर डिफेंडर्स को पहले ही रिटेन कर लिया था। इस बार भी टीम के पास मोहम्मदरेजा शार्दलु, साजिन सी और नीरज कुमार जैसे दिग्गज डिफेंडर हैं। पटना के नए सीजन और उनकी तैयारियों को लेकर खेल नाओ ने नीरज कुमार से एक्सक्लूसिव बातचीत की।
आगामी सीजन के लिए डिफेंस स्ट्रैटजी
पटना के डिफेंस ने बीते सीजन सबसे शानदार खेल दिखाया था। मोहम्मदरेजा शार्दलु ने सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। नीरज और साजिन सी ने भी उन्हें काफी अच्छी तरह सपोर्ट किया था। नीरज कुमार ने इस बारे में कहा 'हमारा डिफेंस जो पिछले सीजन था इस बार भी वही है। पिछली बार हमने जो गलतियां की थी उसे हम इस बार नहीं दोहराना चाहेंगे। कबड्डी एक टीम गेम है और इसी वजह से एक दूसरे का सपोर्ट काफी जरूरी होता है। सभी डिफेंडर्स को मिलकर काम करना होगा।'
पटना पाइरेट्स की तरफ से खेलने का प्रेशर
पटना की टीम तीन बार पीकेएल का टाइटल जीत चुकी है। इसी वजह से जो भी खिलाड़ी इस टीम की तरफ से खेलता है उसके ऊपर दबाव काफी ज्यादा होता है। हालांकि नीरज का मानना है कि पटना के सामने जो टीम होती है वो ज्यादा प्रेशर में होती है। उन्होंने कहा 'हमारे ऊपर कोई प्रेशर नहीं होता है। पटना के सामने जो टीम आती है उसके ऊपर दबाव रहता है। टीम तीन बार चैंपियन रह चुकी है और पिछले सीजन भी फाइनल खेला था। इसलिए दूसरी टीमों के मन में ये डर होता है कि पटना काफी मजबूत टीम है।'
पिछले सीजन ट्रॉफी नहीं जीत पाने का दुख
बीते सीजन पटना पाइरेट्स का परफॉर्मेंस काफी शानदार रहा था। हालांकि टीम फाइनल में आकर महज एक प्वॉइंट से हार गई थी और टाइटल नहीं जीत पाई थी। नीरज कुमार ने कहा कि वो टीम के हारने से काफी दुखी थे।
उन्होंने कहा 'पटना पाइरेट्स बीते सीजन काफी करीब आकर टाइटल नहीं जीत पाई थी। कुछ गलतफहमी हुई थी जिसकी वजह से हम खिताब नहीं जीत पाए थे। हमें टाइटल नहीं जीत पाने का दुख काफी ज्यादा था कि इतनी मेहनत के बावजूद हम फाइनल नहीं जीत पाए। हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या बोलें क्या नहीं बोलें। हम चाहेंगे कि पिछली बार की गलती इस बार ना दोहराई जाए।'
नवीन, पवन और परदीप को रोकने की स्ट्रैटजी
पीकेएल में नवीन कुमार, पवन सेहरावत और परदीप नरवाल इस वक्त सबसे बेहतरीन रेडर हैं। इनके खिलाफ टीमें काफी स्ट्रैटजी बनाकर मैट पर उतरती हैं। नीरज कुमार ने इस बारे में कहा 'हर एक रेडर का अलग-अलग स्ट्रेंथ होता है और उसी हिसाब से उसे रोकने की प्लानिंग की जाती है। हम हर एक रेडर को मजबूत और कमजोर पक्ष को देखते हैं। नवीन, पवन और परदीप की स्किल अलग-अलग है।'
मोहम्मदेरजा शार्दलू के साथ खेलने का एक्सपीरियंस
बीते पीकेएल सीजन पटना पाइरेट्स के डिफेंस ने काफी शानदार खेल दिखाया था। मोहम्मदरेजा शार्दलु ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। नीरज कुमार ने शार्दलु की काफी तारीफ की। उन्होंने कहा ' मोहम्मदरेजा के पास वो हर एक क्वालिटी है जो अच्छे डिफेंडर में होनी चाहिए। वो काफी अटैकिंग प्लेयर हैं। वो डाइव भी लगा सकते हैं, एकंल होल्ड भी कर सकते हैं, मतबल हर एक स्किल उनके पास है। उनके अग्रेसिव खेलने की वजह से पूरी टीम अग्रेसिव खेलती है और उन्हें सपोर्ट करती है।'
डिफेंडर्स के एक दूसरे का हाथ पकड़ने का कारण
कबड्डी में डिफेंस करते वक्त सभी डिफेंडर्स एक दूसरे का हाथ पकड़े रहते हैं। कई सारे फैंस के मन में ये सवाल होता होगा कि आखिर ऐसा क्यों है। नीरज कुमार ने इसके पीछे बड़ी वजह बताई। उन्होंने कहा 'कबड्डी में सारे डिफेंडर्स एक दूसरे का हाथ इसलिए पकड़े रहते हैं ताकि पूरी टीम एकजुट रहे। शुरू से ही सारे डिफेंडर्स इसी तरह खेलते आ रहे हैं। जब तक आप एक दूसरे का हाथ नहीं पकड़ेंगे तो चैन टैकल नहीं कर पाएंगे। इससे रेडर्स कहीं भी जा सकता है।'
Sawan Gupta is a passionate sports enthusiast with a strong interest in cricket, hockey, badminton, and kabaddi. He supports RCB in the IPL and UP Yoddhas in the PKL, and admires PV Sindhu and Virat Kohli. Since 2017, Sawan has been writing sports articles, covering major events like the Pro Kabaddi League, Asian Games, Olympics, and various cricket tournaments.