PKL: टॉप पांच डिफेंडर्स जिन्होंने पीकेएल इतिहास में सबसे ज्यादा सुपर टैकल किए हैं

(Courtesy : PKL)
इन डिफेंडर्स का सुपर टैकल के मामले में बोलबाला रहा है।
प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) इतिहास में जितने बेहतरीन रेडर हुए हैं उतने ही बेहतरीन डिफेंडर भी हुए हैं। अगर किसी टीम को पीकेएल का टाइटल जीतना है तो फिर उसे डिफेंस में बढ़िया प्रदर्शन करना होगा। अगर किसी टीम का डिफेंस अच्छा नहीं है तो वो टाइटल से दूर हो जाती है। पीकेएल में डिफेंडर्स का काफी अहम रोल होता है। अक्सर रेडर्स को काफी ज्यादा महत्व दिया जाता है और उनकी काफी बात होती है लेकिन डिफेंडर्स को आप किसी भी तरह से कम करके नहीं आंक सकते हैं।
किसी भी मैच में जब मैट पर तीन या उससे कम डिफेंडर बचते हैं तो फिर टीम के ऑल आउट होने के चांस काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। हालांकि कई बार ऐसा भी हुआ है कि महज तीन या दो डिफेंडर्स ने ही रेडर को टैकल करके अपनी टीम को ऑल आउट होने से बचाया है। जब दो या तीन डिफेंडर मिलकर किसी रेडर को टैकल करते हैं तो फिर उसे सुपर टैकल कहा जाता है और तब टीम को एक की बजाय दो प्वॉइंट मिलते हैं। पीकेएल इतिहास में कई ऐसे दिग्गज डिफेंडर हुए हैं जिन्होंने काफी सुपर टैकल किए हैं। हम आपको ऐसे ही पांच दिग्गज डिफेंडर्स के बारे में बताते हैं।
5.महेंद्र सिंह - 23 सुपर टैकल
इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर दिग्गज डिफेंडर महेंद्र सिंह हैं। उन्होंने अपने पीकेएल करियर में अभी तक कुल मिलाकर 87 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान 23 सुपर टैकल किए हैं। सातवें सीजन में वो सबसे ज्यादा सुपर टैकल करने वाले डिफेंडर थे। उन्होंने बेंगलुरू बुल्स की तरफ से खेलते हुए 21 मैचों में 9 सुपर टैकल किए थे।
4.फजल अत्राचली - 23 सुपर टैकल
डिफेंडर्स के रिकॉर्ड्स की कोई भी लिस्ट हो उसमें फजल अत्राचली का नाम जरूर आता है। फजल पीकेएल इतिहास के दूसरे सबसे सफल डिफेंडर हैं। मंजीत छिल्लर के बाद उन्होंने ही सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल किए हैं। उन्होंने अभी तक 125 मैचों में 368 टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं और इस दौरान 23 हाई-फाइव लगाए। वहीं सुपर टैकल की अगर बात करें तो उन्होंने अभी तक 23 सुपर टैकल किए हैं। फजल अत्राचली लीग में 300 से ज्यादा टैकल प्वाइंट्स हासिल करने वाले एकमात्र विदेशी खिलाड़ी हैं। यही वजह है कि 9वें सीजन की नीलामी के दौरान फजल अत्राचली के लिए पुनेरी पलटन ने एक करोड़ 38 लाख की बोली लगाई।
3.विशाल भारद्वाज - 24 सुपर टैकल
इस लिस्ट में जितने भी खिलाड़ी हैं उन सबमें विशाल भारद्वाज सबसे कम अनुभवी हैं। उन्होंने अभी तक काफी कम मुकाबले खेले हैं लेकिन सुपर टैकल के मामले में वो पीकेएल इतिहास के टॉप-5 प्लेयर्स की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। विशाल भारद्वाज ने अपने पीकेएल करियर में अभी तक कुल 80 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान 24 सुपर टैकल किए हैं। सातवें सीजन में सबसे ज्यादा सुपर टैकल के मामले में वो दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने 19 मैचों में 9 सुपर टैकल किए थे। वहीं छठे सीजन में वो सबसे ज्यादा सुपर टैकल करने वाले डिफेंडर थे। उन्होंने तेलुगु टाइटंस की तरफ से खेलते हुए 17 मैचों में 9 सुपर टैकल किए थे।
2.धर्मराज चेरालाथन - 25 सुपर टैकल
धर्मराज चेरालाथन ने अपने पीकेएल करियर की शुरूआत बेंगलुरु बुल्स के साथ की थी और इसके बाद तेलुगु टाइटंस के लिए भी खेले। वहीं चौथे सीजन में पटना पाइरेट्स की कप्तानी भी की। इसके बाद छठे सीजन में वो यू-मुम्बा का हिस्सा बने। सातवें सीजन में उन्होंने हरियाणा स्टीलर्स की कप्तानी की और बीते सीजन जयपुर पिंक पैंथर्स की टीम में थे। धर्मराज चेरालाथन की उम्र 47 साल है लेकिन अभी भी वो सुपर टैकल करने में माहिर हैं। यही वजह है कि इस लिस्ट में वो दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने अभी तक 123 मैचों में 25 सुपर टैकल किए हैं। चौथे सीजन में वो सबसे ज्यादा सुपर टैकल करने वाले प्लेयर थे। उन्होंने 14 मैचों में आठ सुपर टैकल किए थे।
1.संदीप नरवाल - 29 सुपर टैकल
इस लिस्ट में पहले नंबर पर दिग्गज ऑलराउंडर खिलाड़ी संदीप नरवाल हैं। उनके नाम पीकेएल इतिहास में सबसे ज्यादा सुपर टैकल करने का रिकॉर्ड हैं। उन्होंने अभी तक 149 मैच खेले हैं और इस दौरान 29 सुपर टैकल किए हैं। संदीप नरवाल ने अभी तक पीकेएल में 149 मैचों में 348 टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं। वहीं उनके रेडिंग में भी 275 प्वॉइंट हैं। पीकेएल इतिहास में वो तीसरे सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले खिलाड़ी हैं। किसी भी टीम के लिए वो एक बेहतरीन पैकेज साबित होते हैं।
Sawan Gupta is a passionate sports enthusiast with a strong interest in cricket, hockey, badminton, and kabaddi. He supports RCB in the IPL and UP Yoddhas in the PKL, and admires PV Sindhu and Virat Kohli. Since 2017, Sawan has been writing sports articles, covering major events like the Pro Kabaddi League, Asian Games, Olympics, and various cricket tournaments.