फीफा वर्ल्ड कप के विजेताओं की पूरी लिस्ट

(Courtesy : Getty Images)
साल 1930 से लेकर 2022 तक सिर्फ आठ देश ही फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम कर पाए हैं।
फीफा वर्ल्ड कप दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट है, जिसकी शुरुआत साल 1930 में हुई थी। हर चार साल में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय टीमें वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए मुकाबला करती हैं। पिछले नौ दशकों में कई टीमों ने इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है, लेकिन कुछ देशों ने अपने शानदार प्रदर्शन से इंटरनेशनल फुटबॉल में अलग पहचान बनाई है।
फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में अब तक ब्राजील सबसे सफल टीम रही है, जिसने रिकॉर्ड पांच बार खिताब जीता है। वहीं जर्मनी (पहले पश्चिम जर्मनी) और इटली ने चार-चार, अर्जेंटीना ने तीन, जबकि फ्रांस और उरुग्वे ने दो-दो बार ट्रॉफी अपने नाम की है। आइए विस्तार से जानते हैं किस संस्करण में किस देश ने फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी जीती है।
ये है फीफा वर्ल्ड कप के विजेताओं की पूरी लिस्ट
1. 1930 – उरुग्वे
1930 में फीफा वर्ल्ड कप का पहला संस्करण उरुग्वे में आयोजित किया गया था। उस समय कुल 13 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें अधिकांश दक्षिण और नॉर्थ अमेरिका की थीं क्योंकि यूरोप से लंबी समुद्री यात्रा करना आसान नहीं था। उस संस्करण में मेजबान उरुग्वे ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल में अर्जेंटीना को 4-2 से हराकर इतिहास का पहला वर्ल्ड कप अपने नाम किया था।
2. 1934 – इटली
1934 का फीफा वर्ल्ड कप इटली में आयोजित हुआ था। यह पहला ऐसा संस्करण था, जिसमें क्वालिफिकेशन सिस्टम लागू किया गया। उस संस्करण के फाइनल में मेजबान इटली ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चेकोस्लोवाकिया को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हराकर पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।
3. 1938 – इटली
1938 का फीफा वर्ल्ड कप फ्रांस में खेला गया था, जहां इटली ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। उसने फाइनल में हंगरी को 4-2 से हराया था और लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन गई थी। इटली की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि 1934 की सफलता महज संयोग नहीं थी।
4. 1950 – उरुग्वे
द्वितीय विश्व युद्ध के कारण 1942 और 1946 में फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन नहीं हो सका था, लेकिन आठ साल बाद 1950 में ब्राजील में इस टूर्नामेंट की वापसी हुई। इस बार उरुग्वे ने मेजबान ब्राजील को 2-1 से हराकर दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। रियो डी जेनेरियो के माराकाना स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला फुटबॉल इतिहास में “मराकानाज़ो” के नाम से प्रसिद्ध है।
5. 1954 – पश्चिम जर्मनी
1954 में स्विट्जरलैंड में आयोजित हुए वर्ल्ड कप के फाइनल में पश्चिम जर्मनी का सामना उस समय की सबसे मजबूत टीम हंगरी से हुआ। उस मुकाबले में हंगरी शुरुआती बढ़त लेने में सफल रही, लेकिन पश्चिम जर्मनी ने शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज कर पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत को फुटबॉल इतिहास में “मिरेकल ऑफ बर्न” के नाम से जाना जाता है।
6. 1958 – ब्राजील
1958 में स्वीडन में खेला गया फीफा वर्ल्ड कप वह टूर्नामेंट था जिसने दुनिया को पेले जैसे महान खिलाड़ी से परिचित कराया। महज 17 साल की उम्र में पेले ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। इस टूर्नामेंट केनफाइनल में ब्राजील ने मेजबान स्वीडन को 5-2 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की थी।
7. 1962 – ब्राजील
1962 में चिली में आयोजित हुए टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन ब्राजील ने शुरुआती दौर में ही अपने स्टार खिलाड़ी पेले को चोट के कारण खो दिया था। इसके बावजूद गारिंचा, वावा और अमारिल्डो जैसे खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली और फाइनल में चेकोस्लोवाकिया को 3-1 से हराकर लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। इस तरह से ब्राजील लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली दूसरी टीम बन गई।
8. 1966 – इंग्लैंड
1966 के फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार किसी मेजबान देश ने खिताब जीता था। वेम्बली स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने पश्चिम जर्मनी को एक्स्ट्रा टाइम में 4-2 से हराकर इतिहास रचा था, जो उसका अब तक का एकमात्र खिताब भी है। इस मुकाबले में ज्योफ हर्स्ट ने हैट्रिक लगाई, जो आज भी वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास की इकलौती हैट्रिक है।
9. 1970 – ब्राजील
1970 का फीफा वर्ल्ड कप मेक्सिको में आयोजित किया गया था और इसे अब तक के सबसे यादगार टूर्नामेंटों में गिना जाता है। पेले की कप्तानी में ब्राजील ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक फुटबॉल खेला और फाइनल में इटली को 4-1 से हराकर ब्राजील ने तीसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की।
इस जीत के साथ ब्राजील को स्थायी रूप से जूल्स रिमे ट्रॉफी रखने का अधिकार भी मिल गया, क्योंकि उस समय नियम था कि जो टीम तीन बार वर्ल्ड कप जीतेगी, वह ट्रॉफी अपने पास रख सकेगी। पेले अपने करियर में तीन वर्ल्ड कप जीतने वाले इकलौते खिलाड़ी बने और इस टीम को फुटबॉल इतिहास की महानतम टीमों में गिना जाता है।
10. 1974 – पश्चिम जर्मनी
1974 का फीफा वर्ल्ड कप पश्चिम जर्मनी में आयोजित किया गया था, जिसमें मेजबान टीम का फाइनल में सामना नीदरलैंड से हुआ, जिसकी “टोटल फुटबॉल” स्टाइल पूरी दुनिया में चर्चा का विषय थी। हालांकि, पश्चिम जर्मनी ने शानदार वापसी करते हुए 2-1 से जीत दर्ज की थी और दूसरी बार वर्ल्ड कप चैंपियन बनी थी।
11. 1978 – अर्जेंटीना
1978 के वर्ल्ड कप में मेजबान अर्जेंटीना ने खिताब जीतकर फुटबॉल इतिहास में नया अध्याय लिखा था। फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को एक्स्ट्रा टाइम में 3-1 से हराकर पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मारियो केम्पेस फाइनल में दो गोल और पूरे टूर्नामेंट में 6 गोल करके अपनी टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
12. 1982 – इटली
स्पेन में आयोजित हुए 1982 के फीफा वर्ल्ड कप में इटली ने शुरुआत में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था, लेकिन नॉकआउट स्टेज में उनके खेलने की शैली पूरी तरह बदली नजर आई। कप्तान डिनो जोफ की अगुआई वाली टीम ने फाइनल में पश्चिम जर्मनी को 3-1 से हराकर तीसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। इस टूर्नामेंट में पाओलो रोसी सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे और छह गोल के साथ गोल्डन बूट भी जीता था।
13. 1986 – अर्जेंटीना
1986 का फीफा वर्ल्ड कप मेक्सिको में आयोजित किया गया था और यह टूर्नामेंट डिएगो माराडोना के नाम रहा। अर्जेंटीना के कप्तान ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया।
फाइनल में अर्जेंटीना ने पश्चिम जर्मनी को 3-2 से हराकर दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। यह जीत अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिनी जाती है।
माराडोना ने इस वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में “हैंड ऑफ गॉड” और “गोल ऑफ द सेंचुरी” जैसे दो ऐतिहासिक गोल किए थे, जिनकी चर्चा आज भी होती है। उनके नेतृत्व, शानदार ड्रिब्लिंग और मैच जिताने वाले प्रदर्शन ने उन्हें दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शामिल कर दिया और 1986 का टूर्नामेंट हमेशा उनके नाम से याद किया जाता है।
14. 1990 – पश्चिम जर्मनी
इटली में खेले गए 1990 के फीफा वर्ल्ड कप में पश्चिम जर्मनी और अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार फाइनल में आमने-सामने हुए थे। उस मुकाबले में पश्चिम जर्मनी ने एंड्रियास ब्रेमे के पेनल्टी गोल की बदौलत 1-0 से जीत दर्ज की और तीसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। यह आखिरी बार था, जब इस देश ने पश्चिम जर्मनी के नाम से फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीता था।
15. 1994 – ब्राजील
यूएसए में हुए 1994 के फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में ब्राजील और इटली के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक हुआ, लेकिन निर्धारित समय और एक्स्ट्रा टाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी।
इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में ब्राजील ने 3-2 से जीत दर्ज करते हुए चौथी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। यह वर्ल्ड कप इतिहास का पहला ऐसा फाइनल था, जिसका फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ था।
16. 1998 – फ्रांस
फ्रांस में खेले गए वर्ल्ड कप 1988 के टूर्नामेंट में पहली बार टूर्नामेंट में 32 टीमों ने हिस्सा लिया था। उस टूर्नामेंट में मेजबान फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन ब्राजील को 3-0 से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थी। उस निर्णायक मुकाबले में जिनेदिन जिदान ने दो शानदार हेडर गोल किए थे और अपनी टीम की जीत के सबसे बड़े हीरो बने थे।
17. 2002 – ब्राजील
2002 का फीफा वर्ल्ड कप दक्षिण कोरिया और जापान की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया गया। यह पहली बार था जब एशिया के किसी देश में यह टूर्नामेंट खेला गया था। इसके फाइनल में ब्राजील ने पश्चिम जर्मनी को 2-0 से हराकर रिकॉर्ड पांचवीं बार वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया। इस मुकाबले में दोनों ही गोल उस समय के स्टार स्ट्राइकर रोनाल्डो ने किए थे।
यह टूर्नामेंट रोनाल्डो की शानदार वापसी के लिए भी याद किया जाता है। गंभीर चोटों से उबरने के बाद उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में आठ गोल किए और गोल्डन बूट अपने नाम किया। ब्राजील की यह टीम अपने आक्रामक खेल और रोनाल्डो, रोनाल्डिन्हो तथा रिवाल्डो की तिकड़ी के लिए आज भी याद की जाती है।
18. 2006 – इटली
2006 का फीफा वर्ल्ड कप जर्मनी में आयोजित किया गया था। इटली ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार डिफेंस और अनुशासित खेल का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में उसका सामना फ्रांस से हुआ और निर्धारित समय तथा एक्स्ट्रा टाइम के बाद मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में इटली ने 5-3 से जीत दर्ज कर चौथी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की।
इस फाइनल को जिनेदिन जिदान और मार्को मातेरात्सी के बीच हुए चर्चित हेडबट विवाद के लिए भी याद किया जाता है, जिसके कारण जिदान को रेड कार्ड भी दिखाया गया था। दूसरी ओर, कप्तान फैबियो कैनावारो की अगुआई में इटली ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया और वर्ल्ड फुटबॉल में अपनी ताकत एक बार फिर साबित की थी।
19. 2010 – स्पेन
2010 का फीफा वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया गया था और यह पहली बार था जब इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी किसी अफ्रीकी देश ने की थी। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अपने मशहूर ‘टिकी-टका’ खेल से विरोधी टीमों पर दबदबा बनाए रखा था। फाइनल में उसका सामना नीदरलैंड से हुआ और निर्धारित 90 मिनट तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी।
इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम में आंद्रेस इनिएस्ता ने 116वें मिनट में निर्णायक गोल कर स्पेन को 1-0 से जीत दिलाई और पहली बार वर्ल्ड कप चैंपियन बना दिया। इस जीत के साथ स्पेन ने यूरो 2008 और फीफा वर्ल्ड कप 2010 का लगातार दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता था।
20. 2014 – जर्मनी
ब्राजील में खेले गए 2014 के वर्ल्ड कप में जर्मनी ने शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में मेजबान ब्राजील को 7-1 से हराकर फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार जीत दर्ज की।
इसके बाद फाइनल में जर्मनी का मुकाबला अर्जेंटीना से हुआ, जहां एक्स्ट्रा टाइम में मारियो गोट्जे के 113वें मिनट के गोल की बदौलत पश्चिम जर्मनी ने 1-0 से जीत हासिल कर चौथी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ जर्मनी एकीकृत राष्ट्र (यूनाइटेड नेशन) के रूप में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बना था।
21. 2018 – फ्रांस
2018 का फीफा वर्ल्ड कप रूस में खेला गया था, जिसमें फ्रांस ने युवा खिलाड़ियों से सजी अपनी टीम के दम पर शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने फाइनल में पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाली क्रोएशिया को 4-2 से हराकर दूसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। इस वर्ल्ड कप में 19 वर्षीय किलियन एम्बाप्पे सबसे बड़े सितारे बनकर उभरे और फाइनल में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
22. 2022 – अर्जेंटीना
2022 का फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का पहला ऐसा टूर्नामेंट था, जो मिडिल ईस्ट में खेला गया था। इस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला अर्जेंटीना और फ्रांस के बीच खेला गया था, जिसे वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बेहतरीन फाइनल में गिना जाता है।
फाइनल मुकाबले में निर्धारित समय और एक्स्ट्रा टाइम के बाद स्कोर 3-3 से बराबर रहा था, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने 4-2 से जीत दर्ज कर तीसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत से लियोनेल मेसी के करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा हुआ।
पूरे टूर्नामेंट में मेसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात गोल किए और कई अहम मौकों पर अपनी टीम को जीत दिलाई। दूसरी ओर, फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने फाइनल में हैट्रिक लगाई, लेकिन उनकी टीम खिताब नहीं बचा सकी। मेसी की कप्तानी में मिली इस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में और मजबूती से स्थापित कर दिया।
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