पवन सहरावत ने बताया PKL और एशियन गेम्स में अंतर, दबाव को लेकर भी कही बड़ी बात
एशियन गेम्स 2026 में पवन सहरावत भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के उप-कप्तान हैं।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम एक बार फिर गोल्ड मेडल जीतने के इरादे से उतरेगी। इस प्रतियोगिता में भारत शानदार रिकॉर्ड रहा है और पिछले संस्करण में भी उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इस बार टीम की कमान सुनील कुमार के हाथों में है, जबकि पवन सहरावत उपकप्तान की भूमिका निभा रहे हैं।
हालांकि, इस बार एशियन गेम्स में भारत के लिए चुनौती आसान नहीं होगी, क्योंकि ईरान पहले की तुलना में मजबूत नजर आ रहा है, जबकि चीनी ताइपे और दक्षिण कोरिया जैसी टीमें भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
ऐसे में टूर्नामेंट शुरू होने से पहले पवन सहरावत ने PKL और एशियन गेम्स के बीच अंतर के साथ उस दबाव पर बात की है, जो इतने बड़े मंच पर हर मुकाबले के साथ जुड़ा होता है।
पवन सहरावत ने बताया PKL और एशियन गेम्स में अंतर
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पवन सहरावत ने PTI से बातचीत में बताया कि प्रो कबड्डी लीग और एशियन गेम्स का फॉर्मेट एक जैसा नहीं है। PKL में खिलाड़ियों और टीमों के पास वापसी के लिए ज्यादा मौके होते हैं, जबकि एशियन गेम्स में हर मुकाबला काफी अहम हो जाता है।
उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से, दोनों के फॉर्मेट अलग हैं। PKL में 20-22 मैच होते हैं और अगर हम कुछ मैच हार भी जाते हैं, तो वापसी का मौका रहता है। लेकिन एशियन गेम्स में ऐसा नहीं है और एक हार भी हमें प्रभावित कर सकती है। बाद में शायद हमारे पास कोई मौका न हो, इसलिए हर मैच करो या मरो जैसा है।”
यही अंतर एशियन गेम्स में भारतीय टीम के लिए हर मुकाबले की अहमियत बढ़ा देता है। यहां एक खराब प्रदर्शन का असर आगे के सफर पर पड़ सकता है, इसलिए टीम को शुरुआत से ही पूरी तरह तैयार रहना होगा।
इतिहास के दबाव को पवन सहरावत ने बताया प्लस पॉइंट
भारत एशियन गेम्स में कबड्डी की सबसे सफल टीम है। भारतीय पुरुष टीम ने इस प्रतियोगिता में अब तक 8 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीता है। ऐसे रिकॉर्ड के साथ टीम से इस बार भी खिताब की उम्मीद की जा रही है।
इतिहास से मिलने वाले इस दबाव को लेकर जब पवन सहरावत से सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे अलग नजरिए से देखा। उनके मुताबिक भारत का पिछला रिकॉर्ड टीम के लिए दबाव नहीं, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है।
पवन ने कहा, “कोई दबाव नहीं है। वास्तव में यह एक प्लस पॉइंट है कि अतीत हमारे पक्ष में रहा है और शायद भविष्य भी हमारे पक्ष में रहेगा।”
बता दें कि, पवन सहरावत की कप्तानी में भारत ने 2022 के एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। अब वह उपकप्तान के तौर पर टीम को लगातार दूसरी बार गोल्ड दिलाने में योगदान देना चाहेंगे। सुनील कुमार की कप्तानी वाली भारतीय टीम का कबड्डी अभियान 21 से 26 सितंबर तक एची-नागोया, जापान में चलेगा।
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