मोहम्मदरेजा शादलुई ने भारतीय पुरुष कबड्डी टीम को दी खुली चुनौती, एशियन गेम्स 2026 से पहले बताई ईरान की रणनीति
मोहम्मदरेजा शादलुई ने एशियन गेम्स 2026 के लिए ईरान के लक्ष्य के बारे में बताया।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सामने गोल्ड मेडल बचाने की बड़ी चुनौती होगी। भारत ने पिछली बार ईरान को फाइनल में हराकर खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में इस बार ईरानी टीम की नजरें भारत से उस हार का बदला लेने पर होंगी।
इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही दोनों टीमों के बीच मुकाबले को लेकर माहौल बनना शुरू हो गया है। ईरान के स्टार ऑलराउंडर मोहम्मदरेजा शादलुई ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है, जिसने आगामी एशियन गेम्स 2026 में भारत और ईरान की भिड़ंत को और खास बना दिया है।
शादलुई ने भारत को दी खुली चुनौती
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मोहम्मदरेजा शादलुई ने भारतीय कबड्डी टीम को सीधे तौर पर चुनौती दी है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ हालिया कबड्डी सीरीज के बाद दिए पोस्ट मैच इंटरव्यू में अपनी टीम के इरादे साफ कर दिए।
शादलुई ने कहा, “हम भारतीय टीम के लिए तैयार हैं और इस बार गोल्ड मेडल हमारा है। हम उनके खिलाफ लड़ेंगे।”
उनके इस बयान से साफ है कि ईरानी टीम आगामी एशियन गेम्स में भारत को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार है। दोनों टीमें गोल्ड मेडल की प्रमुख दावेदार हैं और 2022 के फाइनल के बाद एक बार फिर इनके बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
एशियन गेम्स 2022 के फाइनल में भारत ने ईरान को दी थी मात
एशियन गेम्स में भारत और ईरान की राइवलरी काफी पुरानी है। 2018 के फाइनल में ईरान ने भारत को सेमीफाइनल में हराकर बड़ा उलटफेर किया था और बाद में गोल्ड मेडल भी जीता था। हालांकि, अगले एशियन गेम्स में भारत ने शानदार वापसी की।
एशियन गेम्स 2022 के फाइनल में भारत और ईरान आमने-सामने आए थे। उस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने ईरान को 33-29 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अब ईरान के पास आगामी प्रतियोगिता में उस हार का हिसाब बराबर करने का मौका होगा।
शादलुई क्यों हैं भारत के लिए बड़ी चुनौती?
शादलुई पिछले कुछ सालों में दुनिया के सबसे बेहतरीन कबड्डी खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुके हैं। वह मुख्य रूप से डिफेंस में अपनी ताकत के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर रेडिंग में भी योगदान देने की क्षमता रखते हैं।
2022 के एशियन गेम्स के फाइनल में भी उन्होंने रेडर के तौर पर प्रभाव छोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी कोशिशें ईरान को खिताब दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहीं। इस बार वह भारत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करके अपनी टीम को गोल्ड मेडल दिलाने के इरादे से उतरेंगे।
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