डिफेंडिंग चैंपियन इस बार यंग प्लेयर्स पर ज्यादा निर्भर है।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के आगामी सीजन के लिए दबंग दिल्ली (Dabang Delhi) अपनी तैयारियों में जुटी हुई है। टीम ने ऑक्शन के दौरान कुछ बेहतरीन प्लेयर्स का चयन किया था। इस बार टीम ने युवा खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा जताया है। दबंग दिल्ली ने पीकेएल-9 के ऑक्शन से पहले स्टार रेडर नवीन कुमार को रिटेन किया था। इसके अलावा बीते सीजन बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विजय मलिक को भी टीम ने रिटेन किया था। वहीं ऑक्शन के दौरान उन्होंने अमित हूडा, संदीप धुल और आशु मलिक जैसे प्लेयर्स का चयन किया। कोच कृष्ण कुमार हूडा को भरोसा है कि उनकी युवा ब्रिगेड एक बार फिर से चैंपियन बनने में कामयाब रहेगी। सीजन के आगाज से पहले हम आपको बताते हैं कि दबंग दिल्ली का मजबूत पक्ष क्या है और कमजोर पक्ष क्या है और इस सीजन उनसे किस तरह की उम्मीदें की जा सकती हैं।

टीम का मजबूत पक्ष

नवीन ‘एक्सप्रेस’ एक बार फिर पकड़ सकती है रफ्तार

दबंग दिल्ली की सबसे बड़ी ताकत उनके मेन युवा रेडर नवीन कुमार हैं। पिछले दो सीजन से जिस तरह का परफॉर्मेंस नवीन कुमार का रहा है उसे देखते हुए इस बार भी उनसे टीम को काफी उम्मीदें रहेंगी। नवीन कुमार एक ऐसे रेडर हैं जो किसी भी मैच में अकेले दम पर टीम को जिताने की क्षमता रखते हैं। वो अभी तक पीकेएल में कुल मिलाकर 62 मैचों में 690 प्वॉइंट हासिल कर चुके हैं। उन्होंने अभी तक केवल तीन ही सीजन खेला है लेकिन इस दौरान टॉप-10 रेडर्स की लिस्ट में शामिल हो चुके हैं। पिछले सीजन नवीन ने चोट के कारण कुछ मुकाबले मिस किए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 17 मैचों में 210 प्वाइंट अपने नाम किए थे। वो इस सीजन टीम के सबसे बड़े चेहरे होंगे और रेडिंग का ज्यादा दारोमदार उनके कंधों पर ही होगा।

संदीप धुल डिफेंस में कर सकते हैं कमाल

एंकल होल्ड के लिए मशहूर संदीप धुल इस बार दबंग दिल्ली की तरफ से खेलते हुए दिखाई देंगे। जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए बीते दो सीजन उनके काफी अच्छे रहे थे। संदीप धुल के पास कॉन्फिडेंस है और वो डिफेंस में टीम के लिए काफी अहम साबित हो सकते हैं। बीते सीजन उन्होंने 19 मैचों में 53 प्वॉइंट हासिल किए थे। इसी वजह से टीम उनके ऊपर काफी निर्भर करेगी और एक बार अगर वो लय में आ गए तो फिर उन्हें रोकना काफी मुश्किल हो जाएगा।

दंबग दिल्ली का कमजोर पक्ष

टीम में अनुभव की कमी

दबंग दिल्ली की टीम इस बार युवा है और इसमें उतने अनुभवी प्लेयर नहीं हैं जितना पिछले सीजन थे। डिफेंस में अमित हूडा ने बीते सीजन केवल 2 ही मुकाबला खेला था। उन्हें अपना लय हासिल करने के लिए वक्त लग सकता है। इसके अलावा विशाल लाथेर भी ज्यादा नहीं खेले थे और रवि कुमार की वापसी हो रही है तो वहां पर टीम अकेले सिर्फ संदीप धुल पर ही निर्भर रह सकती है। दबाव में आने पर कई खिलाड़ी बिखर सकते हैं। रेडिंग की बात करें तो विजय मलिक ने बीते सीजन जरूर अच्छा किया था लेकिन वो लंबे समय तक नवीन को कितना सपोर्ट दे पाते हैं ये देखने वाली बात होगी। टीम नवीन कुमार के ऊपर ज्यादा डिपेंड है। इस बार नवीन को गाइड करने के लिए कोई बड़ा प्लेयर भी टीम में नहीं है। उन्हें उस गाइडेंस की कमी खल सकती है जो पिछले दो सीजन से मिल रही थी।

इन खिलाड़ियों के ऊपर होंगी निगाहें

डिफेंडिंग चैंपियन के पास कुछ ऐसे प्लेयर हैं जिनके ऊपर सभी टीमों की निगाह होगी। नवीन कुमार, संदीप धुल, अमित हूडा और विजय मलिक तीन ऐसे प्लेयर हैं जो इस बार दिल्ली को उसकी मंजिल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अगर टीम को एक बार फिर टाइटल जीतना है तो फिर इन खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होगा।

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