इन प्लेयर्स का चयन हैरान करने वाला रहा।

एशियन गेम्स के लिए चुनी गई संभावित टीम में कई दिग्गज खिलाड़ियों को जगह मिली। प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 8वें सीजन में शानदार परफॉर्मेंस करने वाले प्लेयर्स को ज्यादा महत्व मिला। जिन खिलाड़ियों का परफॉर्मेंस बीते पीकेएल सीजन शानदार रहा उन्हें इस टीम में जगह मिली। हालांकि कुछ प्लेयर ऐसे भी रहे जिन्हें उन्हें केवल उनके नाम के आधार पर चुना गया। इन खिलाड़ियों का नाम कबड्डी में काफी बड़ा है और इनके पास एक्सपीरियंस भी काफी है। इसलिए इन्हें टीम में चुना गया।

हालांकि कुछ प्लेयर ऐसे भी रहे जिनका एशियन गेम्स के संभावित खिलाड़ियों में चयन काफी चौंकाने वाला भी रहा। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन पीकेएल में कुछ खास नहीं रहा था, फिर भी इन्हें संभावित खिलाड़ियों की लिस्ट में जगह दी गई। हम आपको बताते हैं कि वो पांच प्लेयर कौन-कौन से रहे जिनका सेलेक्शन काफी हैरान करने वाला रहा।

5. विकाश कंडोला

पीकेएल में हरियाणा स्टीलर्स के लिए खेलने वाले विकाश कंडोला को भी एशियन गेम्स की संभावित टीम में जगह दी गई है। हालांकि विकाश कंडोला का परफॉर्मेंस बीते सीजन उतना अच्छा नहीं रहा था, जिसके लिए वो जाने जाते हैं। उन्होंने 22 मैचों में 180 प्वॉइंट हासिल किए और टॉप-10 रेडर्स में शामिल रहे। लेकिन कई मैचों में वो जूझते हुए भी नजर आए और अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। एशियन गेम्स के लिए जो संभावित टीम चुनी गई है उसमें परदीप नरवाल, पवन सेहरावत, नवीन कुमार, मनिंदर सिंह, असलम ईनामदार और दीपक हूडा जैसे जबरदस्त रेडर हैं। ऐसे में विकाश कंडोला की जगह सुरेंदर गिल का चयन किया जा सकता है। उनका परफॉर्मेंस विकाश कंडोला से काफी अच्छा रहा था और वो काफी शानदार फॉर्म में थे।

4. पंकज मोहिते

पंकज मोहित पीकेएल में पुनेरी पलटन की टीम का हिस्सा थे। कई मैचों में उन्होंने प्रभावित तो किया लेकिन उस तरह का परफॉर्मेंस नहीं कर सके। उन्होंने केवल सात ही मुकाबले खेले और 23 प्वॉइंट ही हासिल कर सके। ऐसे में उनका चयन एशियन गेम्स की संभावित टीम में चौंकाने वाला रहा। उनकी जगह पर दूसरे युवा प्लेयर्स को मौका दिया जा सकता था। अभिषेक सिंह या वी अजीत कुमार को आजमाया जा सकता था, जिनका प्रदर्शन उनसे काफी ज्यादा अच्छा था।

3. सुनील कुमार

गुजरात जायंट्स के कप्तान सुनील कुमार का नाम भी इस लिस्ट में है। उनको भी एशियन गेम्स टीम में देखकर काफी हैरानी हुई। दरअसल इसकी वजह ये है कि सुनील कुमार का परफॉर्मेंस पीकेएल में काफी साधारण रहा। 23 मैचों में वो सिर्फ 38 प्वॉइंट ही हासिल कर सके और सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट के मामले में 28वें पायदान पर रहे। इससे पता चलता है कि सुनील कुमार उतना बेहतरीन खेल नहीं दिखा सके। उनसे कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने वाले सोमबीर और रिंकू जैसे डिफेंडर्स को टीम में जगह नहीं मिली।

2. महेंद्र सिंह

इस प्लेयर के पास स्किल तो काफी है लेकिन उनका परफॉर्मेंस हालिया संपन्न हुए टूर्नामेंट में एवरेज ही रहा। जब आपके पास उनसे ज्यादा कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्लेयर मौजूद हों तो आउट ऑफ फॉर्म खिलाड़ी का चयन करना समझ से परे है। महेंद्र सिंह पीकेएल के 8वें सीजन में बेंगलुरू बुल्स की टीम का हिस्सा थे और 20 मैचों में सिर्फ 39 ही प्वॉइंट हासिल किए थे। उनका औसत काफी खराब रहा और कई बार एडवांस टैकल के चक्कर में वो विरोधी टीम को प्वॉइंट देते रहे।

1. शुभम शिंदे

राइट कॉर्नर डिफेंडर शुभम शिंदे पीकेएल में पटना पाइरेट्स की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने टीम के लिए कुल 19 मुकाबले खेले थे, जिसमें 17 ही प्वॉइंट हासिल कर पाए थे। मैट पर उनका एवरेज टाइम भी काफी कम था और असिस्ट के मामले में भी उनको काफी कम सफलता मिली। ऐसे में उनको एशियन गेम्स की संभावित टीम में देखकर काफी हैरानी हुई। वर्तमान फॉर्म के आधार पर तो उनकी बिल्कुल भी जगह नहीं बनती थी, क्योंकि कई ऐसे डिफेंडर थे जिनका प्रदर्शन उनसे ज्यादा अच्छा था।

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