फैंस को आगामी सीजन में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

राहुल चौधरी कबड्डी के खेल में एक बड़ा नाम है। प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के इतिहास में वो सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने अपने बेहतरीन खेल से लीग को पहचान देने में अहम भूमिका निभाई है। उनके इस अद्भुत खेल के वजह से उनको ‘कबड्डी के पोस्टर बॉय’ भी माना जाता है। हालांकि, पुनेरी पलटन की ओर से खेलते हुए पीकेएल सीजन 8 उनके लिए अच्छा नहीं रहा। पूरे सीजन के दौरान उन्हें सिर्फ सात मैच खेलने का मौका मिला और उन मैचों में वो मात्र 13 रेड पॉइंट्स ही हासिल कर पाए।

पीकेएल सीजन 8 के दौरान ऐसा लग रहा था कि पुनेरी पलटन के कोच अनूप कुमार को इस दिगज्ज रेडर पर भरोसा नहीं था। राहुल चौधरी पूरे सीजन के दौरान टीम से अंदर-बाहर होते रहे और फिर बीच में उन्हें चोट भी लग गई जिसके कारण वो मैट से दूर रहें। जहां एक तरफ सीजन शुरू होने से पहले लग रहा था कि राहुल चौधरी के हाथ में ही उनके टीम के जीत की कुंजी है, तो वही सीजन शुरू होने के बाद वो अपने फॉर्म की तलाश करते रह गए।

ऐसे में कई कबड्डी पंडितों का कहना था कि राहुल चौधरी के दिन लद गए और अब उनका करियर खत्म होने के कगार पर है। लेकिन राहुल चौधरी उन खिलाडियों में से हैं जिन्होंने हार मानना नहीं सीखा। इस बात का सबूत है हाल में ही खत्म हुआ ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज कबड्डी टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन। 

टूर्नामेंट में किया दमदार प्रदर्शन

हरियाणा के सोनीपत में खेले गए इस तीन दिवसीय टूर्नामेंट में सीएस दिल्ली के टीम की ओर से खेलते हुए राहुल चौधरी ने दिखाया कि उनमे आज भी दमखम बाकी है। उनके दमदार प्रदर्शन के बदौतल ही दिल्ली की टीम टूर्नामेंट जीतने में सफल रही। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने चार मुकाबले खेले और सारे मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 20 से ज्यादा रेड पॉइंट्स बटोरे। उन्होंने केवल रेड में ही नहीं बल्कि टीम के लिए डिफेन्स में भी अच्छा प्रदर्शन किया। उनके नाम डिफेन्स करते हुए चार मैचों में कुल मिलाकर 8 अंक दर्ज हुए।

ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज कबड्डी टूर्नामेंट में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट की टीम में दिग्गज खिलाडियों की होड़ लगी हुई थी। उनके टीम में परदीप नरवाल, दीपक हूडा, मोहित छिल्लर, राकेश नरवाल, अमित हूडा और खुद राहुल चौधरी भी मौजूद थे। ऐसे में इन सितारों से भरमार वाली टीम में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करना किसी उपलब्धि से कम नहीं है। इसी प्रदर्शन के सहारे वो फॉर्म में वापसी करने के भी कोशिश में होंगे।

तेलुगु टाइटंस में लौटना चाहेंगे राहुल

प्रो कबड्डी लीग के सीजन 8 में तेलुगु टाइटंस का प्रदर्शन शर्मनाक रहा। टीम पूरे सीजन में सिर्फ एक मुकाबला जीत पायी और पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे रही। राहुल चौधरी ने पीकेएल में तेलुगु की टीम के लिए छह साल खेला है। उनके साथ ही खेलकर वो कबड्डी के पोस्टर बॉय बने। एक वक्त तो राहुल चौधरी तेलुगु की ओर से खेलते हुए ही पीकेएल के बेस्ट रेडर बने थे।

अब ऐसे में ज्यादातर आसार है कि पुनेरी पलटन की टीम उनको अगले सीजन के लिए रीटेन नहीं करना चाहेगी। अब ऐसे में तेलुगु टाइटंस की टीम को वापिस राहुल चौधरी को अपने खेमे में शामिल करना चाहिए क्योंकि दोनों की जोड़ी सामने वाले टीमों पर कहर बरपाती है। तेलुगु टाइटंस के ओर से राहुल ने 100 मैच खेले और उन मुकाबलों में उन्होंने 825 रेड पॉइंट हासिल किए जो उस वक्त किसी भी खिलाडी के लिए एक रिकॉर्ड था।

उनके फैंस को उनसे इसी फॉर्म को जारी रखने की उम्मीद रहेगी। तेलुगु टाइटंस अगर अगले सीजन राहुल चौधरी को अपने टीम में शामिल कर टाइटल जीत जाती है तो ये कबड्डी इतिहास की सबसे बड़ी कहानियों में से एक होगी।