प्रो कबड्डी लीग के सीजन 8 में यू-मुम्बा की स्ट्रेंथ और वीकनेस

(Courtesy : Pro Kabaddi League)
टीम की सबसे बड़ी ताकत उनके ईरानियन कप्तान हैं।
प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) सीजन 8 के ऑक्शन के बाद अब सभी टीमों की निगाहें अपनी-अपनी तैयारियों पर हैं। ऑक्शन के दौरान सभी फ्रेंचाइजी ने अपने टीम कॉम्बिनेशन को देखते हुए प्लेयर्स को सेलेक्ट किया और एक बैलेंस टीम बनाने की कोशिश की। इस दौरान किसी टीम को बेहतरीन प्लेयर मिले तो किसी टीम को उनके हिसाब से खिलाड़ी नहीं मिल पाए।
पीकेएल ऑक्शन के बाद अगर हम सभी टीमों पर नजर डालें तो किसी टीम का स्ट्रेंथ उनका रेडिंग डिपार्टमेंट है तो किसी टीम का स्ट्रेंथ उनका शानदार डिफेंस है। वहीं कुछ टीमें ऐसी भी हैं जो केवल बड़े स्टार्स के नाम पर ही डिपेंड हैं।
हम आपको सभी टीमों के वीकनेस और स्ट्रेंथ के बारे में बता रहे हैं और इस आर्टिकल में हम यू-मुम्बा टीम के बारे में बात करेंगे।
टीम की स्ट्रेंथ
फजल अत्राचली के रूप में टीम के पास बेहतरीन कप्तान मौजूद
प्रो कबड्डी लीग में यू-मुम्बा की सबसे बड़ी ताकत और उनकी पहचान टीम के कप्तान फजल अत्राचली हैं। फजल अत्राचली ना केवल बेहतरीन कप्तान हैं, बल्कि लीग के बेहतरीन डिफेंडर्स में से एक भी हैं। उनकी कप्तानी में टीम का परफॉर्मेंस काफी शानदार रहा है और उन्होंने बेहतरीन तरीके से टीम को लीड किया है।
फजल अत्रचाली प्रो कबड्डी लीग इतिहास के सबसे बेहतरीन डिफेंडर्स में से एक हैं। वो अपने डैश के लिए जाने जाते हैं। लम्बे-चौड़े शरीर वाले फजल अत्राचली केवल अपनी ताकत के दम पर रेडर को डैश कर देते हैं और यही उनकी खासियत है। लेफ्ट कॉर्नर में उनके पास जाने से बड़े से बड़े रेडर भी कतराते हैं।
पीकेएल में फजल अत्राचली 300 टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले पहले विदेशी प्लेयर हैं। ईरान के इस डिफेंडर ने एक से ज्यादा बार बेस्ट डिफेंडर का अवॉर्ड जीता है। इसके अलावा सातवें सीजन में 80 से ज्यादा टैकल प्वॉइंट करने वाले वो एकमात्र प्लेयर थे। वो ना केवल डिफेंस बल्कि कप्तानी में भी मजबूती के साथ डटे रहते हैं।
अभिषेक सिंह रेडिंग में कर सकते हैं कमाल
यू-मुम्बा के पास रेडिंग में ज्यादा बड़े नाम नहीं मौजूद हैं लेकिन अभिषेक सिंह जैसा उपयोगी खिलाड़ी टीम के काफी काम आ सकता है। अभिषेक ने प्रो कबड्डी लीग में पिछले सीजन भी टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उन्होंने 21 मैचों में 163 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। ओवरऑल अगर उनके करियर की बात करें तो 36 मैचों में उन्होंने 209 रेड प्वॉइंट हासिल किए हैं। अभिषेक अपने सॉलिड मूव्स की वजह से काफी सफल रहते हैं और उनका बैक हैंड टच कमाल का होता है।
खास बात ये है कि अभिषेक सिंह यू-मुम्बा के लिए दो सीजन खेल चुके हैं और वो टीम की जरूरतों को समझते हैं। यू-मुम्बा के माहौल के हिसाब से वो पूरी तरह से ढल गए हैं और तीसरे सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं।
टीम के पास कई अच्छे ऑलराउंडर्स मौजूद
यू-मुम्बा का एक और प्लस प्वाइंट ये है कि उनके पास कई बेहतरीन ऑलरांडर मौजूद हैं। आमतौर पर ईरान के जितने भी ऑलराउंडर हैं उनकी क्वालिटी काफी शानदार होती है। वो रेडिंग और डिफेंस दोनों में बेहतरीन परफॉर्मेंस करते हैं और यू-मुम्बा के पास मोहसिन मगसूदलू जैसा बेहतरीन ऑलराउंडर मौजूद है।
मोहसिन के अगर प्रो कबड्डी लीग करियर की बात करें तो छठे सीजन में वो तेलुगु टाइटंस की तरफ से सबसे ज्यादा प्वॉइंट (56) हासिल करने वाले प्लेयर थे। पांचवें सीजन में उन्होंने दो सुपर रेड भी किए थे। इसके अलावा वो समय-समय पर रेडिंग में भी प्वाइंट लाते रहते हैं। मोहसिन अपने रनिंग हैंड टच के लिए जाने जाते हैं। उनके होने से टीम का बैलेंस काफी शानदार रहेगा।
इसके अलावा यू-मुम्बा के पास अजिंक्य कापरे, आशीष कुमार और पंकज जैसे ऑलराउंडर मौजूद हैं। आशीष कुमार के पास काफी अनुभव है। वो कई सीजन से खेल रहे हैं। डिफेंस में जहां वो अपने डाइविंग थाई होल्ड के लिए मशहूर हैं तो रेडिंग में भी वो बेहतरीन टच प्वॉइंट लाते हैं। इस बार भी वो टीम के लिए अपना योगदान दे सकते हैं।
वीकनेस
डिफेंस में सुरेंदर सिंह की कमी खलेगी
प्रो कबड्डी लीग में पिछले सीजन अगर यू-मुम्बा ने डिफेंस में सबसे शानदार प्रदर्शन किया था तो उसमें कप्तान फजल अत्राचली के अलावा सुरेंदर सिंह की भी बड़ी भूमिका थी। लेफ्ट कॉर्नर पर मौजूद फजल अत्राचली और राइट कवर में सुरेंदर कुमार के बीच का कॉम्बिनेशन शानदार था। इसी वजह से रेडर्स का बचकर निकलना मुश्किल होता था।
सुरेंदर सिंह यू-मुम्बा के यंग प्लेयर पूल ऑफ फ्यूचर कबड्डी से सेलेक्ट किए गए थे और टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उन्होंने 5वें सीजन में यू-मुम्बा की तरफ से सबसे ज्यादा 58 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। इसके अलावा सुरेंदर सिंह असिस्ट काफी अच्छा देते हैं। वो छठे सीजन में 100 असिस्ट देने वाले पीकेएल इतिहास के पहले प्लेयर बने। कप्तान फजल अत्राचली को ये कमी निश्चित तौर पर खलने वाली है और डिफेंस पर इसका असर पड़ सकता है।
टीम के पास स्टार प्लेयर्स की कमी
यू-मुम्बा के पास केवल फजल अत्राचली के रूप में ही प्रो कबड्डी लीग का एक बड़ा जाना-माना नाम मौजूद है। इसके अलावा टीम के पास स्टार प्लेयर्स की कमी है। रेडिंग में अभिषेक कुमार और डिफेंस में फजल अत्राचली के ऊपर टीम को ज्यादा निर्भर रहना पड़ सकता है। अगर इन खिलाड़ियों का फॉर्म अच्छा नहीं रहा तो फिर दिक्कतें आ सकती हैं।
टीम
रेडर - अभिषेक सिंह, जशनदीप सिंह, नवनीत, राहुल राणा और वी अजीत।
डिफेंडर - अजीत, हरेंदर कुमार, फजल अत्राचली (कप्तान), सुनील सिद्धगावली और रिंकू एचसी।
ऑलराउंडर - अजिंक्य कापरे, आशीष कुमार, मोहसिन मगसूदलू और पंकज।
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