फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स के लिए मिडफील्ड में टीम इंडिया के ऑप्शंस

इगोर स्टीमाक की टीम में कुल मिलाकर 14 मिडफील्डर्स हैं।
फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में इंडिया को अभी तक एक भी जीत नहीं मिली है। ऐसे में भारतीय फुटबॉल टीम बचे हुए मुकाबलों में जीत हासिल करना चाहेगी। इन मुकाबलों में मेन इन ब्लू की राह आसान नहीं रहने वाली है।
टीम का पहला मुकाबला एशियन चैंपियन कतर से है जो उनका सबसे मुश्किल मैच होगा। उसके बाद बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ टीम को खेलना है। डिफेंस में तो इंडियन टीम मजबूत दिखती है लेकिन गोल करने की क्षमता को डेवलप करना होगा, क्योंकि स्कोर करके ही आप मैच जीत सकते हैं।
जब तक इंडिया की टीम गोल करने के मौकों को नहीं भुनाएगी तब तक वो वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में जीत हासिल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए सबसे जरूरी है कि टीम का मिडफील्ड शानदार हो, तभी ये संभव हो पाएगा।
इंडिया की 28 सदस्यीय टीम में लगभग 50 प्रतिशत प्लेयर मिडफील्डर हैं। ऐसे में कोच इगोर स्टीमाक ज्यादा से ज्यादा मिडफील्डर्स को मैदान में उतार सकते हैं। लेकिन मिडफील्ड में किस कॉम्बिनेशन के साथ टीम को उतरना चाहिए, हम आपको बताते हैं।
सेंटर मिडफील्ड - ग्लेन मार्टिन्स
एएफसी चैंपियंस लीग 2021 के ग्रुप स्टेज मुकाबलों में एफसी गोवा के लिए ग्लेन मार्टिन्स ने शानदार प्रदर्शन किया था। वो टीम के स्टार परफॉरमर्स में से एक थे। उन्होंने मिडफील्ड में अपने जबरदस्त खेल से सबको प्रभावित किया। मार्टिन को पहली बार इंडियन टीम में जगह मिली है, ऐसे में वो अपना डेब्यू इन मैचों के दौरान कर सकते हैं।
जितने भी मिडफील्डर इस वक्त टीम में हैं उनमें से मार्टिन ने सबसे ज्यादा मैच 2020-21 के सीजन में खेले हैं। उनकी फिटनेस लाजवाब है और बाकी प्लेयर्स से वो ज्यादा शार्प और तेज हैं। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था। उन्होंने 15 आईएसएल मैचों में 66 टैकल और 21 क्लीयरेंस किए और इस दौरान उनकी पासिंग एक्यूरेसी 76.44 प्रतिशत रही। मुंबई सिटी के खिलाफ उन्होंने जबरदस्त गोल भी किया था।
मार्टिन्स के अलावा रॉलिन बार्जस भी एक बेहतरीन विकल्प हैं क्योंकि मुंबई सिटी के साथ उन्होंने आईएसएल का टाइटल जीता है। उन्होंने 20 मुकाबलों में 80 टैकल और 26 क्लीयरेंस किए। इस दौरान उनका पासिंग रेट 82.47% रहा। इसके अलावा उन्होंने मार्टिन से एक गोल ज्यादा भी किया है।
वहीं प्रणोय हल्दर की अगर बात करें तो पिछले सीजन एटीके मोहन बगान के लिए वो ज्यादा अग्रेसिव दिखे थे और कई गलतियां की थीं। लालेंगमाविया अभी पूरी तरह से डेवलप नहीं हुए हैं। वहीं मार्टिन्स दबाव में भी खुद को साबित कर चुके हैं और वो बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं।
सेंटर मिडफील्ड - अनिरुद्ध थापा

महज 23 साल का होने के बावजूद अनिरुद्ध थापा इंडिया की इस टीम के सबसे अनुभवी प्लेयर्स में से एक हैं। उन्होंने टीम के लिए अभी तक कुल मिलाकर 25 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान टीम का अहम हिस्सा रहे हैं।
चेन्नईयन एफसी की तरफ से खेलते हुए आईएसएल में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा था। उन्होंने दो गोल किए थे। उन्हें फिटनेस की थोड़ी प्रॉब्लम हुई थी लेकिन अब पूरी तरह फिट हैं। टीम में उनके रोल के लिए ज्यादा कंपटीशन भी नहीं है।
अनिरुद्ध थापा क्लच फाइनल थर्ड पास से मौके बना सकते हैं और ये कला टीम में ज्यादातर प्लेयर्स के पास नहीं है। उनके मुकाबले सुरेश सिंह वंगजम को भी अनुभव नहीं है और थापा जितना कंपोजर भी नहीं है।
लालेंगमाविया को भी अनिरुद्ध थापा से आगे नहीं खिलाया जा सकता है। थापा टीम के पोजेशन को कंट्रोल कर सकते हैं और अपने सेट पीसेस और थ्रो बॉल्स से मौके बना सकते हैं।
अटैकिंग मिडफील्ड - ब्रैंडन फर्नाडीज
इंडियन फुटबॉल टीम में इस वक्त तकनीकी तौर पर सबसे बेहतरीन मिडफील्डर ब्रैंडन फर्नाडीज हैं। उनके अंदर ओवरसीज प्लेयर जैसी क्वालिटी है और कई बेहतरीन टीमों के खिलाफ भी उन्होंने अपने आपको साबित किया है। एफसी गोवा के एसीएल कैंपेन में उन्होंने कई शानदार परफॉर्मेंस दिए थे। उन्होंने दो गोल में अपना असिस्ट दिया और इसके अलावा उनकी एक्यूरेसी और डिफेंसिव आउटपुट भी शानदार रहा।
ब्रेंडन ने पिछले आईएसएल सीजन फिटनेस की वजह से केवल 12 मुकाबलों में हिस्सा लिया था। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया और हर मैच में गोल करने के कई बेहतरीन मौके बनाए। इस मामले में उनके कंपटीटर सहल अब्दुल समद हैं, जिन्होंने केरला ब्लास्टर्स के लिए 14 मैचों में तीन असिस्ट दिए थे।
फाइनल थर्ड में फर्नाडीज के पासेस सहल से ज्यादा एक्यूरेट रहते हैं और वो किसी भी मौके को नहीं गंवाते हैं। इसके अलावा उनके सेट पीस और लॉन्ग बॉल्स का कोई जवाब ही नहीं है। थापा के साथ मिलकर वो इंडियन टीम के लिए क्रिएटिव इंजन की तरह काम कर सकते हैं और कई बेहतरीन मौके गोल के बना सकते हैं।
Sawan Gupta is a passionate sports enthusiast with a strong interest in cricket, hockey, badminton, and kabaddi. He supports RCB in the IPL and UP Yoddhas in the PKL, and admires PV Sindhu and Virat Kohli. Since 2017, Sawan has been writing sports articles, covering major events like the Pro Kabaddi League, Asian Games, Olympics, and various cricket tournaments.