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कबड्डी न्यूज

PKL: पीकेएल के पहले सीजन के 10 सबसे बड़े खिलाड़ी और अब वो कहाँ है

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Published at :August 13, 2022 at 10:56 PM
Modified at :August 14, 2022 at 3:18 AM
PKL: पीकेएल के पहले सीजन के 10 सबसे बड़े खिलाड़ी और अब वो कहाँ है

रिटायरमेंट के बाद अधिकतर खिलाड़ी कोचिंग को अपना प्रोफेशन चुन रहे हैं।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) आज देश की सबसे लोकप्रिय लीगों में से एक है। कबड्डी को देश-दुनिया में लोकप्रिय बनाने, कबड्डी को पेशेवर खेल बनाने, देश को एक से बढ़कर एक स्टार खिलाड़ी देने का श्रेय इसी लीग को जाता है। एक से बढ़कर एक टैलेंट और भारत को कबड्डी पटल पर एक पावर हाउस बनाने में पीकेएल का महत्वपूर्ण योगदान है। तो आइए जानते हैं ऐसे टॉप 10 कबड्डी खिलाड़ी जो पीकेएल के स्टार रहे हैं:

10. गुरप्रीत सिंह

पीकेएल में ‘द वाल’ के नाम से जाना जाने वाले गुरप्रीत सिंह पीकेएल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्होनें पीकेएल के शुरूआती सीजन में बेंगलुरू बुल्स और पुनेरी पलटन के लिए खेला। राइट कार्नर डिफेंडर गुरप्रीत ने बेंगलुरु बुल्स के लिए अपने डेब्यू सीज़न में 24 टैकल प्वांइट्स हासिल किए। गुरप्रीत ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कबड्डी टीम का भी प्रतिनिधित्व किया है, और 2010 और 2014 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे। बाद में उन्हें पुनेरी पलटन ने सहायक कोच नियुक्त किया गया और इन्हें पलटन के डिफेंस को मजबूत बनाने का श्रेय जाता है। 

9. जगदीश कुंबले

जगदीश कुंबले प्रो कबड्डी के पहले सीजन की ट्रॉफी जीतने वाली जयपुर पिंक पैंथर्स टीम का हिस्सा थे। कुंबले को लीग के पांचवें और छठे सीज़न में बंगाल वॉरियर्स के लिए मुख्य कोच के रूप में साइन किया गया था। वॉरियर्स, जगदीश कुंबले के मार्गदर्शन में दोनों संस्करणों में प्लेऑफ़ मे पहुंचने में सफल रही। बाद में उन्हें तेलगु टाइटंट्स का कोच बनाया गया लेकिन टीम प्लेऑफ में पहुंचने में नाकाम रही। 

8. काशीलिंग अडके

हनुमान जंप मारने के लिए मशहूर काशीलिंग अडके दबंग दिल्ली के लिए खेलते हुए उन्हें प्रो कबड्डी सीजन दो के लिए सर्वश्रेष्ठ रेडर चुना गया था। उन्होंने इस सीजन 14 मैचों में 114 रेड प्वांइट लिए जिसमें सात सुपर रेड शामिल थे। काशी उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने लगातार दो सीज़न में 100 से ज़्यादा रेड प्वाइंट्स हासिल किए हैं। पीकेएल के पहले सीज़न में काशी को 113 प्वांइट मिले थे और फिर दूसरे सीज़न में भी उन्होंने 114 प्वांइट हासिल किए और बेस्ट रेडर से नवाजे गए। काशीलिंग ने अपने प्रो कबड्डी लीग कैरियर में कुल 561 रेड प्वांइट्स और 51 टैकल प्वांइट्स अर्जित किए हैं।

7. मनप्रीत सिंह

कबड्डी कोचिंग की दुनिया के महारथी मनप्रीत 2002 और 2006 के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं वो 2007 कबड्डी विश्व कप में स्वर्ण जीतने वाली टीम का हिस्सा भी थे। सिंह ने एक खिलाड़ी के रूप में एक शानदार करियर को विराम देने से पहले 2016 में पटना पाइरेट्स की कप्तानी की थी। 2017 में उन्हें नई टीम गुजरात फॉर्च्यून जायंट्स का मुख्य कोच नामित किया गया था। उनके कोचिंग के डेब्यू सीजन में फॉर्च्यून जायंट्स ने फाइनल में जगह बनाई लेकिन उसे पटना पाइरेट्स से हार का सामना करना पड़ा। ध्यानचंद खेल पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ कबड्डी खिलाड़ी मनप्रीत प्रो कबड्डी लीग के 2022-23 सत्र में हरियाणा स्टीलर्स के मुख्य कोच के रूप अपनी सेवा देंगे। 

6. संदीप नरवाल 

‘द बीस्ट’ के नाम से मशहूर संदीप नरवाल को पहले सीजन में पटना पाइरेट्स ने अपनी टीम में चुना और अगले तीसरे सीजन तक वह इस टीम के साथ जुड़े रहे। अपने पहले सीजन में इन्होंने 27 टैकल पॉइंट और 92 रेड पॉइंट के साथ कुल 119 प्वांइट्स अर्जित किए। संदीप नरवाल ने अपने प्रो कबड्डी लीग करियर में कुल 275 रेड प्वांइट्स और 348 टैकल प्वांइट्स अर्जित किए हैं। हांलांकि वो सीजन 9 ऑक्शन में अनसोल्ड खिलाड़ी रहे। 

5. राकेश कुमार 

राकेश कुमार ने भारत के लिए 2003 में अपने कैरियर की शुरूआत की। निजामपुर निवासी 36 साल के राकेश कुमार ने अपने कैरियर में देश के लिए विश्व कप में दो स्वर्ण और एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते। पूर्व भारतीय कप्तान पीकेएल के पहले सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी थे। उन्हें तब पटना पाइरेट्स टीम ने अपने साथ जोड़ा था और वह टीम के कप्तान भी थे। कुमार ने पीकेएल में 55 मैच खेलते हुए 260 अंक हासिल किए। वह पांच सत्र तक लीग में खेले। वो सीजन 8 तक हरियाणा स्टीलर्स के कोच थे। 

4. अजय ठाकुर 

अजय ठाकुर ने कबड्डी में अपने कैरियर की शुरूआत एयर इंडिया के साथ किया था और 2007 में एशियन इंडोर गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली इंडियन टीम का हिस्सा थे। इसके अलावा 2013 के एशियन इंडोर गेम्स और मार्शल आर्ट्स गेम्स में मेडल जीतने वाली टीम का भी वो हिस्सा थे।

भारतीय टीम के लिए जबरदस्त प्रदर्शन करने के बाद अजय ठाकुर ने 2014 में पीकेएल में अपना डेब्यू किया। लीग के पहले सीजन के ऑक्शन में अजय ठाकुर के लिए काफी महंगी बोली लगी थी। बेंगलुरू बुल्स ने उन्हें 12.20 लाख की भारी भरकम रकम में खरीदा था। अजय ने अपने प्रो कबड्डी लीग कैरियर में कुल 794 रेड प्वांइट्स और 25 टैकल प्वांइट्स अर्जित किए हैं।

3.राहुल चौधरी

पीकेएल के 'पोस्टर बॉय’ भी माने जाने वाले राहुल चौधरी ने अपने बेहतरीन खेल से लीग को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। तेलुगु टाइटंस के ओर से राहुल ने 100 मैच खेले और उन मुकाबलों में उन्होंने 825 रेड प्वांइट्स हासिल किए जो उस वक्त किसी भी खिलाडी के लिए एक रिकॉर्ड था। जबकि इनका ओवरऑल प्रदर्शन 129 मैचों में 1028 प्वांइट्स का है। खबर के मुताबिक राहुल अब कोचिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। 

2. मंजीत छिल्लर

प्रो कबड्डी लीग के पहले और दूसरे सीजन में बेंगलुरु बुल्स टीम के कप्तान रहे मंजीत छिल्लर लीग के सबसे चहेते खिलाड़ी रहे हैं। छिल्लर ने अपने पूरे पीकेएल कैरियर में कुल 132 मैच खेलकर कुल 616 प्वाइंट्स अपने नाम करने में सफल रहे हैं। पीकेएल के दूसरे सीज़न में ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ बनने के बाद उन्हें तीसरे सीज़न में पुणेरी पलटन ने अपनी टीम में ले लिया और फिर उन्होंने लगातार दो सालों तक पुणेरी पलटन टीम की कप्तानी की। फिर पांचवें सीज़न में उन्हें जयपुर पिंक पैंथर्स ने अपनी टीम में खरीद लिया और यहाँ पर भी उनके ही कंधों पर कप्तानी का दायित्व रहा। पिछले सीजन की चैंपियन दबंग दिल्ली टीम का हिस्सा रहे वर्तमान में छिल्लर पुनेरी पलटन का सहायक कोच नियुक्त किया गया है। 

1. अनुप कुमार

‘बोनस के बादशाह’ नाम से पहचान बनाने वाले अनूप कुमार ने प्रो कबड्डी लीग में 2014 में यू मुम्बा की तरफ से अपने पीकेएल सफर शुरूआत की। उनके द्वारा लिये गए 155 रेड प्वांइट्स के कारण उन्हें मोस्ट वैल्यूवल खिलाड़ी चुना गया था। उन्होंने टीम को फाइनल में पहुंचाया लेकिन जयपुर पिंक पैंथर्स से हार गए। वहीं दूसरे साल 2015 में अनूप कुमार ने यू मुंबा को फाइनल में बेंगलुरु बुल्स पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अनूप कुमार ने 2016 कबड्डी विश्व कप में एक शानदार जीत के बाद कबड्डी से सन्यास ले लिया। वहीं सीजन 2 के बाद पीकेल से भी सन्यास ले लिया था। 

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Keshav Kumar
Keshav Kumar

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