मिजोरम, इंडिया के नॉर्थईस्ट रीजन में मौजूद इस राज्य की आबादी महज 10 लाख के आसपास है। राज्य में रहने वाले ज्यादातर लोग खेती करके ही अपनी जिंदगी चलाते हैं। इसके अलावा, एक और चीज है जो यहां के लागों को जीने का मकसद देती है और वो है फुटबॉल।

चाहे 2016-17 सीजन में आइजोल एफसी का आई-लीग टाइटल जीतना हो या इंडियन फुटबॉल को लगातार टैलेंटेड फुटबॉल प्लेयर्स देना, इस राज्य ने हमेशा फुटबॉल फैंस को चौंकाया है। हाल के समय में मिजोरम से आने वाले 22 साल के लालिनजुआला छांगते ने सभी को काफी प्रभावित किया है और उन्हें इंडिया का भविष्य भी बताया जा रहा है।

छांगते ने इंडियन फुटबॉल टीम के लिए अबतक कुल 11 मैच खेले हैं और नए कोच इगोर स्टीमाक भी उनके प्रदर्शन से प्रभावित नजर आए हैं। उन्होंने ने पिछले साल नॉर्वे के टॉप फुटबॉल क्लबों में से एक वायकिंग एफके के लिए भी ट्रायल्स दिए थे।

इंडिया के पूर्व हेड कोच स्टीफन कॉन्स्टेनटीन के अंडर छांगते ने टीम के लिए अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला था। वह अबतक इंडिया के लिए चार गोल भी कर चुके हैं और उनका कहना है कि स्टीमाक एक नई यंग टीम तैयार कर रहे हैं जो एशिया की बेस्ट टीम भी बनने का मादृा रखती है।

एक विंगर के तौर पर खेलने वाले छांगते ने खेल नाओ से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा, “वे महान कोच हैं जिन्हें बहुत अनुभव है। मेरा मानना है कि कॉन्स्टेनटीन इंडियन फुटबॉल को एक लेवल ऊपर लेकर गए हैं और मुझे बहुत खुशी है कि मैं उनकी टीम का हिस्सा रहा। दोनों ने मुझे अपने करियर में आगे बढ़ने में काफी मदद की है।”

“अब इगोर एक नई यंग टीम तैयार कर रहे हैं और उनके सपने बड़े हैं। उन्होंने हमारे दिल में यह बात डाल दी है कि हम एशिया की बेस्ट टीम बन सकते हैं। अगर हम उनकी बातें सुनते रहे और अपने लक्ष्य को पाने के​ लिए जरूरत के मुताबिक कड़ी मेहनत करते रहे तो मैं समझता हूं कि हमारा भविष्य उज्जवल है।”

छांगते इंडियन टीम का हिस्सा जरूर रहे हैं, लेकिन अबतक टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल, उनकी नजरें मौको को भुनाने पर है ताकि वह लगातार एक खिलाड़ी के रूप में बेहतर होते जाएं।

उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि आप हर साल कोच बदल सकते हैं, लेकिन ज्यादा मायने यह रखता है कि आप कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। अगर आप कड़ी मेहनत करते हैं और कोच की बात सुनते हुए अपने रोल को निभाते हैं, तो आपको हमेशा खुद को व्यक्त करने का मौक मिलेगा।”

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“मैं हार साल अपना टार्गेट सेट करता हूं, जब मुझे इंडियन कैम्प में शामिल किया जाता है तब भी मैं अपने दिमाग में एक टार्गेट लेकर चलता हूं। मैं हर साल बेहतर खिलाड़ी बनना चाहता हूं और मौका मिलने पर दमदार प्रदर्शन करके सभी को प्रभावित करना चाहता हूं।”

छांगते 2019-20 सीजन की शुरुआत से पहले आईससएल की टीम दिल्ली डायनामोज से चेन्नइयन एफसी में शामिल हुए थे। उन्होंने डायनामोज में दो सीजन बिताए थे, इस दौरान उन्होंने कुल 36 मैच खेले जिसमें उनके नाम आठ गोल और चार असिस्ट हैं।

इस सीजन के पहले हाफ में चेन्नइयन और छांगते का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, लेकिन ओवन कोल के टीम के हेड कोच बनने के बाद से उनके खेल में सुधार हुआ है।

छांगते ने कहा, “हमारी सीजन की शुरुआत खराब रही और हम ज्यादा गोल भी नहीं कर पाए, लेकिन अब हमारी स्थिति बेहतर हो गई है और हमारे पास प्लेऑफ के लिए क्वॉलीफाई करने का भी मौका है। हमारे लिए अब हर मैच कप फाइनल जैसा है।”

“मुझे लगता है कि मैं भी काफी बेहतर हुआ हूं। मेरे दिमाग में कुछ प्वॉइंट्स हैं जिनपर मुझे काम करना है और मैं ऐसा ही करुंगा। यह अबतक का सबसे बेस्ट सीजन है। कोल ने क्लब में आने के बाद से टीम में सभी को एकजुट करने का प्रयास किया है क्योंकि टीमवर्क के बिना आप कुछ नहीं जीत सकते। वह चाहते हैं कि टीम में सभी पैशन लेकर आएं और जीत दर्ज करें।”

छांगते ने इस सीजन अबतक दो बार की चैम्पियन चेन्नइयन के लिए कुल 13 मैच खेले हैं जिसमें उनके नाम दो गोल हैं। हालांकि, वह टीम के लिए एक भी असिस्ट नहीं दे पाए हैं।