PKL 10 के सभी टीमों के संभावित कप्तान

इन खिलाड़ियों के अंदर टीम लीडर बनने के हर गुण मौजूद है।
प्रो कबड्डी लीग (PKL 10) के आगामी सीजन के ऑक्शन में कई खिलाड़ियों पर ऐसी बोली लगी, जिसे देख फैंस चौंक उठे थे। कई खिलाड़ियों पर करोड़ों में बोली लगती देखी गई और सभी टीमों ने अपना बेस्ट कॉम्बिनेशन तैयार करने की कोशिश की है।
PKL में कोई टीम कितना अच्छा प्रदर्शन करेगी, ये बात कप्तान पर भी निर्भर करती है। इसलिए सब जानने के इच्छुक होंगे कि आखिर दसवें सीजन में कौन सा खिलाड़ी अपनी-अपनी टीम की कप्तानी कर सकता है। इस आर्टिकल में आइए जानते हैं उन सभी खिलाड़ियों के बारे में जो PKL 10 में अपनी टीम की कप्तानी कर सकते हैं।
1. बंगाल वॉरियर्स - मनिंदर सिंह
बंगाल वॉरियर्स ने जब PKL 10 के ऑक्शन से पहले मनिंदर सिंह को रिलीज किया तो ऐसा लगने लगा था जैसे इस बार टीम को एक नया कप्तान मिलने वाला है। मगर वॉरियर्स ने मनिंदर को 2.12 करोड़ की भारी भरकम राशि देकर दोबारा खरीदा है और उन्हें एक बार टीम की कप्तानी सौंपी है। एक रेडर के तौर पर मनिंदर का प्रदर्शन शानदार रहा है, वहीं टीम मैनेजमेंट चाहेगा कि वो एक बार फिर सातवें सीजन के प्रदर्शन को दोहराते हुए बंगाल को एक बार फिर PKL की चैंपियन टीम बनाए।
2. गुजरात जायंट्स - फजल अत्राचली
फज़ल अत्राचली को PKL 10 के ऑक्श में गुजरात जायंट्स ने उन्हें 1.6 करोड़ की राशि देकर खरीदा है। उन्होंने नौवें सीजन में में पुनेरी पलटन को अपनी कप्तानी में फाइनल तक पहुंचाया था। वो एक कप्तान के तौर पर तो सफल रहे ही हैं, वहीं उनके आने से गुजरात के डिफेंस को बहुत मजबूती मिल रही होगी। PKL 9 में चंद्रन रणजीत गुजरात को प्लेऑफ में भी नहीं पहुंचा पाए थे, लेकिन इस बार अगर अत्राचली को कप्तान बनाया गया तो वो अपनी रणनीतियों और अनुभव से टीम की किस्मत बदल सकते हैं।
3. बेंगलुरु बुल्स - सौरभ नंदल
पिछले कुछ सीजन की बात करें तो सौरभ नंदल PKL के सबसे उभरते हुए खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज करवाने में सफल रहे हैं। वो PKL 9 में 72 टैकल पॉइंट्स अर्जित कर सीजन के सबसे सफल डिफेंडर्स में से एक रहे थे। नौवें सीजन में टीम के कप्तान रहे महेंद्र सिंह अब यू मुम्बा में जा चुके हैं। चूंकि नंदल 2019 से ही बुल्स के लिए खेलते आए हैं और टीम की रणनीतियों से अच्छी तरह वाकिफ होंगे, इसलिए संभव है कि PKL 10 में बुल्स की कप्तान उन्हें सौंपी जा सकती है।
4. दबंग दिल्ली - नवीन कुमार
दबंग दिल्ली ने PKL 10 के लिए नवीन कुमार को रिटेन किया है, जिन्होंने पिछले साल अपनी कप्तानी में टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाया था, लेकिन फाइनल तक नहीं पहुंचा पाए। नवीन अभी युवा हैं, इसके बावजूद उन्होंने कप्तानी के भार का अपने प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ने दिया था। इसलिए संभव है कि वो इस बार भी दिल्ली के कप्तान की भूमिका में दिखाई दे सकते हैं।
5. पटना पाइरेट्स - नीरज कुमार
प्रो कबड्डी लीग के नौवें सीजन में नीरज कुमार 3 बार की चैंपियन टीम पटना पाइरेट्स को प्लेऑफ में भी नहीं पहुंचा पाए थे। टीम 22 में से केवल 8 मैच जीत पाई थी। इस औसत प्रदर्शन के बावजूद पाइरेट्स ने सबको चौंका कर नीरज कुमार को रिटेन किया था और PKL 10 के लिए भी उन्हें कप्तान नियुक्त किया है। नीरज इस बार ना केवल टीम बल्कि अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी सुधार लाना चाहेंगे।
6. हरियाणा स्टीलर्स - चंद्रन रणजीत
चंद्रन रणजीत PKL इतिहास के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं और PKL 9 में गुजरात जायंट्स के कप्तान रहे थे। इस बार हरियाणा स्टीलर्स ने 62 लाख की बोली लगाकर उनपर दांव खेला है। चूंकि हरियाणा के पूर्व कप्तान जोगिंदर नरवाल ने संन्यास ले लिया है, इसलिए टीम को एक नए कप्तान की जरूरत थी। हालांकि टीम के पास सिद्धार्थ देसाई के रूप में एक दिग्गज खिलाड़ी मौजूद है, लेकिन ज्यादा अनुभव के कारण कप्तानी रणजीत को सौंपी जा सकती है।
7. जयपुर पिंक पैंथर्स - सुनील कुमार
जयपुर पिंक पैंथर्स उन टीमों में से एक है, जिसने PKL 9 के अधिकांश खिलाड़ियों को रिटेन किया है और इस लिस्ट में पिछले सीजन टीम के कप्तान रहे सुनील कुमार का नाम भी शामिल है। चूंकि सुनील ने जयपुर को अपनी कप्तानी में PKL 9 का चैंपियन बनाया था, इसलिए उम्मीद बहुत कम है कि टीम इस बार कप्तानी के मामले में कोई बदलाव करेगी।
8. तेलुगू टाइटंस - पवन सेहरावत
पवन सेहरावत पिछले साल चोटिल होने के कारण तमिल थलाइवाज़ के लिए नहीं खेल पाए थे। वहीं इस बार तेलुगू टाइटंस ने उन्हें 2.6 करोड़ की राशि देकर खरीदा है। वो इससे पहले बेंगलुरु बुल्स के कप्तान रह चुके हैं और 2023 एशियन गेम्स में अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाया था। इसी कप्तानी के अनुभव के कारण टाइटंस ने PKL 10 में कप्तानी का भार सेहरावत के कंधों पर डाल दिया है।
9. पुनेरी पलटन - मोहम्मदरेजा शादलू
PKL 10 के ऑक्शन में ईरानी डिफेंडर मोहम्मदरेज़ा शादलू भी चर्चा का विषय बने क्योंकि पुनेरी पलटन ने उन्हें 2.35 करोड़ रुपए देकर खरीदा है। पुणे ने इस बार फज़ल अत्राचली को रिलीज कर दिया था, वहीं उनके हमवतन शादलू इस समय PKL के सबसे बेहतरीन ऑल-राउंडर्स में से एक हैं। इसलिए संभव है कि पुनेरी पलटन इस बार भी एक विदेशी कप्तान का रुख कर सकती है।
10. तमिल थलाइवाज - सागर राठी
आपको याद दिला दें कि PKL 9 में पवन सेहरावत के चोटिल होने के बाद तमिल थलाइवाज़ के कप्तान होने की जिम्मेदारी सागर राठी ने संभाली थी। उन्होंने टीम को प्लेऑफ स्टेज तक पहुंचाने में सफलता पाई थी। चूंकि सागर को इस बार रिटेन किया गया है, इसलिए संभव है कि थलाइवाज़ का मैनेजमेंट एक बार फिर कप्तानी का भार सागर के कंधों पर डाल सकता है।
11. यू मुम्बा - महेंद्र सिंह
PKL 9 में यू मुम्बा के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से सुसज्जित टीम थी, इसके बावजूद सुरिंदर सिंह टीम को प्लेऑफ में नहीं पहुंचा पाए थे। इस बार यू मुम्बा ने महेंद्र सिंह के रूप में एक बेहद अनुभवी डिफेंडर पर दांव खेला है। उम्मीद काफी अधिक है कि सुरिंदर से इस बार कप्तानी छिन सकती है और ये जिम्मेदारी गुजरात जायंट्स के कप्तान रह चुके महेंद्र सिंह को सौंपी जा सकती है।
12. यूपी योद्धाज - परदीप नरवाल
PKL 9 की बात करें तो यूपी योद्धाज़ ने आधा सीजन बीत जाने के बाद परदीप नरवाल को कप्तानी सौंपी थी। नरवाल की कप्तानी में योद्धाज़ प्लेऑफ स्टेज में जगह बनाने में सफल रही थी। चूंकि नरवाल एक रेडर के तौर पर लगातार अच्छा करते आए हैं, वहीं अपनी कप्तानी से भी उन्होंने काफी लोगों का दिल जीता था। इसलिए संभव है कि यूपी योद्धाज़ का मैनेजमेंट एक बार फिर उनपर भरोसा जता सकता है।