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इंडियन फुटबॉल : टॉप-5 प्लेयर्स जिन्हें टीम में शामिल किया जाना चाहिए
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Published at :January 10, 2020 at 10:30 PM
Modified at :January 10, 2020 at 10:30 PM

हेड कोच इगोर स्टीमाक के अंडर इंडियन फुटबॉल टीम मार्च में 2022 फीफा वर्ल्ड कप और 2023 एएफसी एशियन कप क्वॉलीफायर्स के मैच में मौजूदा एशियन चैम्पियन कतर का सामना करेगी।
फीफा वर्ल्ड कप की रेस से लगभग बाहर हो चुकी इंडियन फुटबॉल टीम के पास अभी भी एशियन कप में जगह बनाने का मौका है। ऐसा करने के लिए उसे कतर के खिलाफ किसी भी हाल में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। टीम से स्टीमाक की उम्मीदें इसलिए भी बढ़ी हुई हैं क्योंकि कतर के खिलाफ उसी के घर में इंडिया ने गोल रहित ड्रॉ खेला था। [KH_ADWORDS type="3" align="center"][/KH_ADWORDS] इसके बाद, इंडियन फुटबॉल टीम बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर पाई। पिछले मैच में भी टीम को ओमान के खिलाफ हार झेलनी पड़ी, ऐसे में अगले मैच से पहले स्टीमाक टीम में कुछ बदलाव भी कर सकते हैं। कोच के पास अभी काफी समय है और वह इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में खेल रहे खिलाड़ियों पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। आइए ऐसे पांच प्लेयर्स पर नजर डालते हैं जिन्हें इंडियन फुटबॉल टीम में जगह दी जानी चहिए।1. लेनी रॉड्रिगेज
एफसी गोवा के लिए खेल रहे लेनी रॉड्रिगेज इस सीजन आईएसएल में सबसे बेस्ट मिडफील्डर्स में से एक हैं। गोवा 24 प्वॉइंट्स के साथ टेबल में टॉप पर मौजूद है और इसमें लेनी का बहुत बड़ा योगदान है। लेनी ने मिडफील्ड से फॉरवर्ड लाइन को बेहतरीन पास देने के साथ-साथ इस सीजन गोवा के लिए अबतक दो गोल भी किए हैं। उनकी पासिंग एक्यूरेसी 85.71 परसेंट रही है जो उन्हें इंडियन टीम में जगह पाने का प्रबल दावेदार बनाती है। उन्होंने इंडिया के लिए 2012 में अपना पहला मैच खेला था, लेकिन 2015 के बाद से टीम में जगह नहीं बना पाए हैं। 32 साल के मिडफील्डर की उम्र कोच स्टीमाक के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन इस सीजन लेनी के दमदार प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि उनमें अभी भी बहुत फुटबॉल बाकी है।2. जेरी माविहमिंगथंगा
ओडिशा एफसी के लिए एक विंगर तौर पर खेलते हुए अबतक जेरी का यह ड्रीम सीजन रहा है। लीग में इस सीजन सबसे ज्यादा असिस्ट देने के मामले में जेरी दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने अबतक कुल चार असिस्ट दिए हैं और इसके साथ ही दो गोल भी किए हैं। जेरी ने टीम के स्ट्राइकर एरिडन सेंटाना के साथ अबतक बहुत बढ़िया पार्टनरशिप की है और उन्हें लगातार बेहतरीन असिस्ट दिए हैं। इंडियन टीम के विंगर्स उदांता सिंह और आशिक कुरुनियन इस सीजन खराब फॉर्म में चल रहे हैं और जेरी उनका अच्छा रिप्लेसमेंट साबित हो सकते हैं। क्वॉलीफायर्स में इंडियन टीम की बड़ी परेशानी यह भी रही है कि मैच के दौरान कैप्टन फैनटास्टिक सुनील छेत्री को कोई खिलाड़ी असिस्ट नहीं दे पाता है। ऐसे में जेरी कोच की परेशानी को खत्म कर सकते हैं। वह फास्ट हैं और विंग के साथ मिडफील्ड में भी खेल सकते हैं। उनके पास इंडिया अंडर-19 और अंडर-23 टीम में भी खेलने का अनुभव है। [KH_ADWORDS type="4" align="center"][/KH_ADWORDS]3. प्रबीर दास
इंजरी के कारण दास आईएसएल का 2018-19 सीजन नहीं खेल पाए, लेकिन इस सीजन वह दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं और एटीके की जीत में लगातार योगदान दे रहे हैं। दास आमतौर पर एक राइटबैक के तौर पर खेलते हैं, लेकिन हेड कोच एंटोनियो हबास के अंडर वह एटीके में एक विंगबैक के रूप में खेलते हुए भी दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं। असिस्ट देने के मामले में दास लीग में फिलहाल, तीसरे नंबर पर मौजूद हैं। वह विंग पर बिना थके लंबे समय तक दौड़ सकते हैं और उनके क्रॉसेस भी शानदार हैं। अटैक के साथ-साथ डिफेंस में भी दास का कोई जवाब नहीं। इंडिया ने वर्ल्ड कप क्वॉलीफायर्स में अबतक प्रीतम कोटाल और राहुल भेके को राइट-बैक पोजिशन पर खिलाया है, हालांकि दोनों प्लेयर्स अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। स्टीमाक चाहते हैं कि इंडियन टीम पासिंग फुटबॉल खेले, लेकिन कोटाल की सबसे बड़ी कमी उनके शॉर्ट पासेस हैं। इसके अलावा, कोटाल अटैक के दौरान विपक्षी टीम के 18 यार्ड बॉक्स में अच्छे क्रॉस भी नहीं डाल पाते हैं। दूसरी ओर, भेके की परेशानी यह है कि वह मैच के दौरान आउट ऑफ पोजिशन हो जाते हैं जिसके कारण विपक्षी टीम को इंडिया के बॉक्स के पास काफी स्पेस मिल जाता है ऐसे में दास इंडियन टीम के लिए राइटबैक पोजिशन पर एकदम फिट बैठते हैं। इस सीजन उनके नाम 44 टैकल और 13 इंटरसेप्शन हैं। दास ने इसके अलावा, 54 क्लियरेंस और 12 ब्लॉक भी किए हैं। [KH_ADWORDS type="2" align="center"][/KH_ADWORDS]4. माइकल सूसाइराज
एटीके के लिए ही लेफ्ट विंगबैक की पोजिशन पर खेलने वाले माइकल सूसाइराज ने भी इस सीजन आईएसएल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। टेबल में एटीके फिलहाल 21 प्वॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद है, लेकिन उसने एफसी गोवा और बेंगलुरू एफसी के मुकाबले एक मैच कम खेला है। सूसाइराज आमतौर पर एक विंगर के रूप में खेलते हैं। हालांकि, हबास के अंडर वह भी विंगबैक के तौर पर खेल रहे हैं और उन्होंने अबतक अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। सूसाइराज बहुत अच्छा ड्रिबल करते हैं और उनके लॉन्ग शॉट्स भी दमदार हैं। वह इस सीजन अबतक दो गोल कर चुके हैं और उनकी पासिंग एक्यूरेसी 60.88 परसेंट रही है जो इंडियन टीम में मौजूद कई प्लेयर्स की तुलना में काफी अच्छी है। स्टीमाक ने सूसाइराज को पिछले साल हुए किंग्स कप में कुराकाओ के खिलाफ मौका दिया था और इंडियन टीम के मौजूदा विंगर्स के प्रदर्शन को देखते हुए लगता है कि वह दोबारा सूसाइराज को टीम में शामिल कर सकते हैं। [KH_RELATED_NEWS title="Related News|टीम आर्टिकल नीचे जारी है"][/KH_RELATED_NEWS]5. जेसल कार्नेरो
केरला ब्लास्टर्स के लिए एक लेफ्टबैक के तौर पर खेल रहे 29 साल के जेसल कार्नेरो ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने पहले ही आईएसएल सीजन में सभी को प्रभावित किया है। जेसल इससे पहले, गोवा स्थित क्लब डेम्पो के लिए खेलते थे और वहां किए गए दमदार प्रदर्शन के कारण ही 2019-20 सीजन के शुरू होने से पहले केरला ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। यह सीजन केरला के लिए अच्छा नहीं रहा है, लेकिन जेसल ने बेहतरीन फुटबॉल खेली है। उन्होंने अबतक दो असिस्ट दिए हैं और उनकी पासिंग एक्यूरेसी 70.19 परसेंट रही है जो बेहद अहम है। इसके अलावा, जेसल का लेफ्ट फुट अच्छ है और वह सेट-पीस के दौरान विपक्षी टीम के लिए काफी घातक साबित होते हैं। इंडिया के पास अभी सुभाशीष बोस और नारायण दास के रूप में दो लेफ्टबैक मौजूद हैं, लेकिन स्टीमाक जेसल को भी मौका दे सकते हैं।Where passion meets insight — blending breaking news, in-depth strategic analysis, viral moments, and jaw-dropping plays into powerful sports content designed to entertain, inform, and keep you connected to your favorite teams and athletes. Expect daily updates, expert commentary and coverage that never leaves a fan behind.