लीग को एक नया चैंपियन इस सीजन मिल गया है।

दबंग दिल्ली ने प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 8वें सीजन का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में दबंग दिल्ली ने पटना पाइरेट्स को 37-36 के अंतर से हराया। दबंग दिल्ली ने पहली बार पीकेएल का कोई टाइटल जीता है। पटना जैसी मजबूत टीम को हराकर दबंग दिल्ली ने इतिहास रचा। हम आपको बताते हैं कि दोनों टीमों के प्लेयर्स का परफॉर्मेंस इस फाइनल मुकाबले में कैसा रहा।

विजय मलिक – 9/10

दबंग दिल्ली के लिए पीकेएल सीजन-8 के फाइनल में अगर किसी ने मैच का पासा पलटा तो वो विजय मलिक ही थे। उन्होंने दूसरे हाफ में दो जबरदस्त सुपर रेड लगाते हुए दबंग दिल्ली की वापसी करा दी। यही नहीं उन्होंने टैकल में भी प्वॉइंट हासिल किए। विजय ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल मिलाकर 14 प्वॉइंट हासिल किए। इनमें से उनका एक टैकल प्वॉइंट भी है।

नवीन कुमार – 8/10

नवीन ‘एक्सप्रेस’ ने पीकेएल सीजन-8 के फाइनल मुकाबले में भी अपना कमाल दिखाया। उन्होंने कुल मिलाकर 13 प्वॉइंट इस मुकाबले में हासिल किए। नवीन ने पहले हाफ में सात प्वॉइंट हासिल किए और दूसरे हाफ में छह प्वॉइंट लिए। नवीन कुमार ने बोनस और टच प्वॉइंट तेजी से लिए। इसी वजह से हमने उनको 10 में से आठ रेटिंग प्वॉइंट दिए हैं। उनका परफॉर्मेंस काफी लाजवाब रहा।

सचिन तंवर – 8/10

नवीन कुमार ने जहां दबंग दिल्ली के लिए तो सचिन तंवर ने पटना पाइरेट्स के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने ना केवल रेड में बल्कि डिफेंस में भी प्वॉइंट लिया और नवीन जैसे प्लेयर को टैकल किया। सचिन ने पीकेएल के 8वें सीजन के फाइनल मुकाबले में सुपर-10 लगाया। पहले हाफ में सचिन तंवर ने छह रेडिंग प्वॉइंट हासिल किए तो वहीं दूसरे हाफ में चार प्वॉइंट लिए। उनको भी 10 में से आठ प्वॉइंट हमने रेटिंग में दिए हैं।

गुमान सिंह – 7/10

पटना पाइरेट्स के लिए एक और रेडर गुमान सिंह ने भी बेहतरीन खेल दिखाया। सचिन तंवर को रेडिंग में उन्होंने अच्छा असिस्ट किया। पटना पाइरेट्स के थिंक-टैंक के गलती की वजह से वो आखिरी कुछ मिनट तक मैट से बाहर रहे लेकिन उससे पहले उन्होंने 9 प्वॉइंट हासिल कर लिए थे। गुमान सिंह को 10 में से सात रेटिंग प्वॉइंट उनके परफॉर्मेंस के लिए मिले हैं।

मोहम्मदरेजा चियानेह – 7/0

पटना पाइरेट्स के ईरानियन ऑलराउंडर मोहम्मदरेजा चियानेह इस पीकेएल सीजन के सबसे सफल डिफेंडर हैं। फाइनल मुकाबले में भी मोहम्मदरेजा चियानेह ने अपना काम बखूबी किया। हालांकि वो उस तरह का परफॉर्मेंस नहीं कर सके लेकिन पांच प्वॉइंट जरूर उन्होंने हासिल किए। हैरानी की बात रही उन्होंने तीन प्वॉइंट रेडिंग में भी लिए। मैच के आखिरी लम्हों में उन्होंने रेडिंग में ये प्वॉइंट हासिल किए। उन्हें सात रेटिंग प्वॉइंट हमने दिए हैं।

मोनू – 7/10

पटना पाइरेट्स ने फाइनल मुकाबले में अपने सब्सीट्यूट प्लेयर्स में बड़ी गलती कर दी। इसी वजह से आखिर के कुछ लम्हों में प्रशांत कुमार, सचिन तंवर और गुमान सिंह जैसे मेन रेडर मैट से बाहर रहे। हालांकि इस दौरान सब्सीट्यूट होकर आए मोनू ने निराश नहीं किया। उन्होंने सात रेड में पांच प्वॉइंट हासिल किए और पटना की उम्मीदों को जिंदा रखा। हालांकि वो अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।

मंजीत छिल्लर – 5/10

पीकेएल सीजन-8 के फाइनल मुकाबले में दिग्गज डिफेंडर मंजीत छिल्लर का परफॉर्मेंस उतना अच्छा नहीं रहा। उन्होंने कुल सात टैकल किए जिसमें से केवल दो ही सफल रहे और पांच असफल साबित हुआ। मंजीत छिल्लर केवल दो ही टैकल प्वॉइंट हासिल कर पाए। वो उस तरह का अनुभव नहीं दिखा सके जो दिखाना चाहिए। इसीलिए उनको पांच ही रेटिंग प्वॉइंट हमने दिए हैं।

संदीप नरवाल – 5/10

ऑलराउंडर खिलाड़ी संदीप नरवाल ने भी पीकेएल के 8वें सीजन के फाइनल मुकाबले में निराश किया। दबंग दिल्ली की टीम ने भले ही जीत हासिल की हो लेकिन संदीप नरवाल उतना प्रभावित नहीं कर पाए। वो केवल दो ही प्वॉइंट हासिल कर सके, जिसमें एक रेड प्वॉइंट और एक टैकल प्वॉइंट है।

प्रशांत कुमार राय – 4/10

पटना पाइरेट्स के कप्तान प्रशांत कुमार राय भी फाइनल मुकाबले में असफल रहे। उन्होंने केवल तीन ही रेड फाइनल मुकाबले में किया जिसमें दो प्वॉइंट हासिल कर पाए। प्रशांत कुमार राय आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व नहीं कर पाए। वो अपनी कप्तानी में पटना पाइरेट्स को फाइनल मुकाबला नहीं जिता सके। इसीलिए हमने उनको केवल चार ही रेटिंग प्वॉइंट दिया है।

नीरज कुमार – 3/10

पटना पाइरेट्स के डिफेंस से जितनी उम्मीद इस पीकेएल सीजन के फाइनल में थी, वैसा परफॉर्मेंस वो नहीं कर पाए। पटना अपने डिफेंस के लिए जानी जाती थी लेकिन फाइनल में ये दीवार ढह गई। टीम के स्टार डिफेंडर नीरज कुमार ने फाइनल में काफी निराश किया। उन्होंने टोटल चार टैकल किए जिसमें सिर्फ एक ही प्वॉइंट हासिल कर पाए।

इस पीकेएल सीजन पटना पाइरेट्स के जो तीन सबसे बेहतरीन डिफेंडर थे उनमें एक नाम साजिन सी का भी है। हालांकि फाइनल मुकाबले में वो भी खामोश रहे। साजिन सी ने तीन टैकल किए और सिर्फ एक ही प्वॉइंट हासिल कर पाए। शायद पटना की हार के पीछे उनके इस खराब डिफेंस का का योगदान ज्यादा रहा।

साजिन सी – 3/10

इस पीकेएल सीजन पटना पाइरेट्स के जो तीन सबसे बेहतरीन डिफेंडर थे उनमें एक नाम साजिन सी का भी है। हालांकि फाइनल मुकाबले में वो भी खामोश रहे। साजिन सी ने तीन टैकल किए और सिर्फ एक ही प्वॉइंट हासिल कर पाए। शायद पटना की हार के पीछे उनके इस खराब डिफेंस का का योगदान ज्यादा रहा।

जोगिंदर नरवाल – 2/10

दबंग दिल्ली ने भले ही पीकेएल के 8वें सीजन का खिताब जीत लिया हो लेकिन उनके कप्तान जोगिंदर नरवाल के लिए ये मैच व्यक्तिगत तौर पर अच्छा नहीं रहा। जोगिंदर नरवाल ने मैच के दौरान कई बार कमजोर टैकल किया। इसकी वजह से पटना ने शुरूआत में प्वॉइंट भी लिए। जोगिंदर नरवाल एक भी प्वॉइंट हासिल नहीं कर पाए।

आशु मलिक – 2/10

आशु मलिक को दबंग दिल्ली के लिए फाइनल मुकाबले में ज्यादा कुछ करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। नवीन कुमार और विजय मलिक ने मिलकर अपना काम कर दिया। इसीलिए आशु मलिक ने केवल तीन ही रेड किए जिसमें वो एक भी प्वॉइंट नहीं ला सके। इसके अलावा उन्होंने एक असफल टैकल भी किया। यही वजह है कि रेटिंग प्वॉइंट में वो इतने निचले पायदान पर हैं।

कृष्ण – 2/10

दबंग दिल्ली के कृष्ण ने पीकेएल के फाइनल मुकाबले में काफी गलतियां की। मैच जब शुरू हुआ तो पटना पाइरेट्स के सचिन तंवर ने लगातार कृष्ण को अपना निशाना बनाया। इसी वजह से कृष्ण कई बार शुरूआत में आउट हुए। वो एक भी सफल टैकल नहीं कर सके और उन्हें कोई भी प्वॉइंट नहीं मिला।

सुनील – 2/10

पटना पाइरेट्स के सुनील के लिए ये मुकाबला कुछ खास नहीं रहा। जब मेन डिफेंडर्स नहीं चले तो ऐसे में सुनील भी डिफेंस में असफल रहे। उन्होंने कुल तीन असफल टैकल किए और एक भी प्वॉइंट हासिल नहीं कर पाए। वो जितना जल्द हो सके इस मुकाबले को भुलाना चाहेंगे।