“डुबकी किंग” भी नहीं दिला पाए टीम को टाइटल।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 8वें सीजन में यूपी योद्धा ने जिस तरह का खेल दिखाया, उससे उनके फैंस खुश जरूर होंगे। टीम भले ही पीकेएल का टाइटल नहीं जीत पाई लेकिन ओवरऑल तीसरे पायदान पर रही। लीग स्टेज में यूपी योद्धा ने 22 में 10 मुकाबले जीते और 9 हारे, वहीं तीन मैच ड्रॉ रहे। पुनेरी पलटन को हराकर टीम सेमीफाइनल में भी पहुंची जहां पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

यूपी योद्धा टाइटल जीतने से महज दो कदम दूर रह गई। हालांकि अगर हम ओवरऑल टीम का विश्लेषण करें तो काफी सारे पॉजिटिव प्वॉइंट्स निकलकर आते हैं। यूपी योद्धा ने इस सीजन कुल 757 प्वॉइंट हासिल किए, जो टूर्नामेंट का तीसरा बेस्ट परफफॉर्मेंस है। परदीप नरवाल से जरूर टीम को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, हालांकि बाकी खिलाड़ियों ने दमदार खेल दिखाया।

परदीप नरवाल ने किया निराश

जब आपकी टीम में परदीप नरवाल जैसा पीकेएल का दिग्गज स्टार हो तो उम्मीदें काफी बढ़ जाती हैं। यूपी योद्धा ने परदीप नरवाल को इस पीकेएल सीजन की सबसे मंहगी बोली लगाकर खरीदा था। वो पटना पाइरेट्स से आए थे और इसीलिए उनसे काफी ज्यादा उम्मीदें थीं। हालांकि परदीप नरवाल उस तरह का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाए, जैसा वो अब तक के पीकेएल सीजन में करते आ रहे थे।

“डुबकी किंग” कुल मिलाकर 24 मैचों में 188 प्वॉइंट ही हासिल कर पाए। जबकि उनसे 300 से भी ज्यादा प्वॉइंट्स की उम्मीद की जाती है। कई मुकाबले ऐसे रहे जहां पर उन्हें बीच मैच के दौरान ही सब्सीट्यूट करना पड़ा। टूर्नामेंट खत्म होते-होते उन्होंने अपनी लय जरूर पकड़ी लेकिन उस तरह की स्पीड और चपलता नहीं दिखा सके। हालांकि सुपर रेड के मामले में उन्होंने जरूर टॉप किया और 12 सुपर रेड लगाए। लेकिन अगर सुपर-10 की बात करें तो उनके नाम 9 ही सुपर-10 दर्ज हैं।

डिफेंस ने दिखाया दमखम

यूपी योद्धा की टीम डिफेंस में इस पीकेएल सीजन काफी लाजवाब रही। सबसे सफल टैकल के मामले में टीम टूर्नामेंट में चौथे पायदान पर रही और 215 सफल टैकल किए। इसके अलावा यूपी योद्धा इस सीजन सबसे ज्यादा (27) सुपर टैकल करने वाली टीम रही। इसकी वजह से टीम के ऑल आउट कम हुए।

यूपी योद्धा की तरफ से कप्तान नितेश कुमार और सुमित की जोड़ी ने कहर बरपाया। सुमित ने इस पीकेएल सीजन 24 मैचों में 62 प्वॉइंट हासिल किए और इस मामले में वो टॉप-5 में रहे। वहीं नितेश कुमार ने 24 मैचों में 57 टैकल प्वॉइंट हासिल किए। आशु सिंह ने भी 23 मैचों में 49 प्वॉइंट हासिल किए। जब आपके डिफेंडर इतना अच्छा खेलें तो फिर रेडर्स को उतनी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। डिफेंस की इस तिकड़ी ने हर एक रेडर्स की राह काफी मुश्किल कर दी और इसी वजह से टीम का परफॉर्मेंस इतना जबरदस्त रहा।

रेडिंग में अव्वल रहे सुरेंदर गिल

यूपी योद्धा के मेन रेडर पीकेएल के 8वें सीजन में परदीप नरवाल थे। हालांकि वो अपने लय में नहीं दिखाई दिए। ऐसा लगा कि उनकी स्पीड थोड़ी कम हो गई है। ऐसे में सुरेंदर गिल ने रेडिंग की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई और परदीप नरवाल के खराब प्रदर्शन की कमी पूरा करने की पूरी कोशिश की। सुरेंदर गिल ने पीकेएल सीजन-8 में 23 मैचों में 198 प्वॉइंट हासिल किए। वो टीम की तरफ से सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल करने वाले रेडर रहे और ओवरऑल पांचवें पायदान पर रहे।

सुरेंदर गिल ने सात सुपर रेड भी लगाए वहीं औसत रेड प्वॉइंट के मामले में वो टूर्नामेंट में पहले पायदान पर रहे। सुरेंदर गिल का एवरेज रेड प्वॉइंट 8.21 रहा। सुरेंदर गिल अपने मैनेजमेंट के भरोसे पर खरा उतरे।

यूपी योद्धा को चाहिए कि आगामी सीजन में वो अपने रेडिंग में थोड़ा काम करें। परदीप और सुरेंदर के अलावा एक दो युवा रेडर्स को टीम में लाने की जरूरत है जो दूसरी टीमों के लिए एक सरप्राइज पैकेज साबित हों।

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