वह लीग में खेलने वाले 21वीं सदी में जन्मे पहले खिलाड़ी हैं|

नवीन कुमार प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) में खेलने वाले पहले खिलाड़ी हैं जिनका जन्म 21वीं सदी में हुआ है| उन्होंने यह इतिहास कबड्डी के इस महाकुंभ के छठे सीजन में दबंग दिल्ली की ओर से खेलकर रचा था|लीग जिस प्रकार से इस खेल में नए टैलेंट को बढ़ावा दे रहा है वो इसके विकास में एक महत्वपूर्ण स्टेप है|

इस मंच ने कबड्डी को अनेक टैलेंट दिए हैं जो अपनी टीम के जीत में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और नवीन कुमार भी उन्हीं स्टार खिलाड़ियों में से एक हैं|उन्होंने 2018 में खेले गए प्रो कबड्डी लीग के छठे सीजन में दबंग दिल्ली की ओर से अपना पदार्पण किया था|उस सीजन में अपनी टीम के लिए उन्होंने सबसे अधिक पॉइंट (177 अंक) अर्जित किया थे|

नवीन कुमार के शानदार खेल की बदौलत दिल्ली प्रो कबड्डी लीग में पहली बार प्ले ऑफ में पहुँच पाई थी|उन्होंने अपने शुरुआती सीजन में ही अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था|अपने शानदार खेल के दम पर नवीन एक टेक्निकल रेडर के रूप में लीग में अपनी पहचान बनाने में सफल हुए|

स्कूल से स्टार्ट किया अपना कबड्डी सफर

खेल के प्रति खिलाड़ी का जुनून, निरंतर अभ्यास और समर्पण ही उसे खेल के सर्वोच्च शिखर पर ले जाता है और नवीन कुमार इसके जीवंत उदाहरण हैं| स्कूल में उनके द्वारा किए गए शानदार प्रदर्शनों के कारण ही उनका चयन हमेशा अंडर-17 टीम में होता था| धीरे-धीरे अपने शानदार खेल के बदौलत उन्होंने हरियाणा जैसी मजबूत कबड्डी टीम में जगह बनाने में सफलता प्राप्त की थी जहाँ उन्हें अनूप कुमार जैसे दिग्गज के साथ खेलने का मौका मिला| वे 2016 में अपने पहले जूनियर नैशनल्स के फाइनल में पहुंचे और गोल्ड भी जीता| नवीन के इन्हीं शानदार प्रदर्शनों से वे दबंग दिल्ली के रडार पर आए और अंततः टीम ने उन्हें प्रो कबड्डी लीग के लिए अपना हिस्सा बना लिया|

प्रो कबड्डी में पहला सीजन

प्रो कबड्डी लीग के छठे सीजन में नवीन कुमार उस टीम के लिए खेलने जा रहे थे जिसने लीग के पहले पाँच सीजन में मुश्किल से ही सफलता का स्वाद चखा था| नवीन ने अपने पहले तीन मैच में धीमी शुरुआत करते हुए क्रमशः 5, 7 और 3 अंक हासिल किए, लेकिन इसके बाद वह अपने उस फॉर्म में लौटे जिसके लिए वे जाने जाते हैं|अपने चौथे मैच में नवीन कुमार ने बंगाल वॉरियर्स के खिलाफ अपना शानदार खेल दिखाते हुए 11 अंक तथा अपना पहला सुपर 10 अर्जित किया जिसके बदौलत दिल्ली ने बंगाल पर 9 अंकों से जीत कर पाई थी| इस मैच के बाद नवीन कुमार ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा|

उनके प्रदर्शन के कारण ही दबंग दिल्ली अपने प्रो कबड्डी लीग के इतिहास में पहली बार प्ले-ऑफ में पहुँचने में सफलता पाई|उनके 11 अंकों के बदौलत एलिमनेटर के पहले राउन्ड में दिल्ली ने बंगाल पर जीत दर्ज की| हालांकि, फाइनल एलिमनेटर में नवीन कुमार के सुपर 10 के बावजूद दिल्ली को यूपी योद्धा से हार का सामना करना पड़ा| नवीन ने उस सीजन का अंत 56% रेड स्ट्राइक रेट, 33% टैकल स्ट्राइक रेट और 177 पॉइंट के साथ किया|

सातवें सीजन के सुपर हीरो रहे

पिछले सीजन में दबंग दिल्ली के लिए नवीन कुमार एक रामबाण साबित हुए| वह सीजन के अंत में प्रो कबड्डी लीग के इतिहास के सबसे यंग मोस्ट वैल्यूबल प्लेयर (एमवीपी) बनकर उभरे| उन्होंने 23 मैच खेले और 64% रेड स्ट्राइक रेट तथा 25% टैकल स्ट्राइक रेट के साथ कुल 303 पॉइंट अर्जित किए| इस यंग रेडर ने अपनी टीम को प्रो कबड्डी लीग के टेबल में टॉप पर पहुँचा दिया था|19 वर्षीय नवीन कुमार एक सीजन में 300+ पॉइंट हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बने|

उन्होंने लीग में सबसे आधिक सुपर 10 (22) लगाए थे| उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद दबंग दिल्ली ने लगातार दूसरे सीजन में आसानी से अपनी जगह प्ले ऑफ में पक्की कर ली थी|सेमीफाइनल में दिल्ली ने नवीन कुमार के 15 अंकों की बदौलत डिफेनडिंग चॅम्पियन बेंगलुरू बुल्स को शिकस्त देकर लीग में पहली बार फाइनल में स्थान बनाया था| हालांकि, इसबार भी दिल्ली कप को उठाने में नाकाम रही और नवीन के शानदार 18 अंकों के बावजूद उसे बंगाल से फाइनल में उसे मुंह की खानी पड़ी|

आगामी आठवां सीजन और आगे का रास्ता

प्रो कबड्डी लीग के पिछले दो सीजन नवीन कुमार और दिल्ली के लिए शानदार रहा है|दमदार प्रदर्शन के कारण ही नवीन को दिल्ली ने हाल में हुए ऑक्शन में रिटेन किया|इसबार नवीन की कोशिश यही रहेगी कि वह अपने पिछले प्रदर्शन से भी उम्दा खेल दिखाते हुए टीम को टाइटल दिलाएं| हालांकि, कोविड के कारण लंबे समय बाद वापसी कर रही प्रो कबड्डी लीग इस बार काफी मुश्किल होगी|