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कबड्डी न्यूज

PKL 9: पीकेएल के आने के बाद कबड्डी का पूरा स्वरूप ही बदल गया है- विजय मलिक एक्सक्लूसिव

Published at :October 26, 2022 at 2:34 AM
Modified at :December 13, 2023 at 1:01 PM
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(Courtesy : PKL)

Rahul Gupta


दिग्गज ऑलराउंडर ने टीम के परफॉर्मेंस समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।

प्रो कबड्डी लीग के 9वें सीजन (PKL 9) में दबंग दिल्ली की टीम लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। पिछले सीजन उन्होंने टाइटल जीता था और इस बार भी उसी तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं। दबंग दिल्ली का परफॉर्मेंस बिल्कुल चैंपियन की तरह रहा है। टीम ने अभी तक अपने पाचों ही मुकाबले जीते हैं और प्वॉइंट्स टेबल में दूसरे पायदान पर हैं। पिछले सीजन नवीन कुमार की अनुपस्थिति में टीम के रेडिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले विजय मलिक इस सीजन (PKL 9) अभी तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं। वो इंजरी की वजह से बाहर चल रहे हैं। हालांकि विजय मलिक ने मैट पर जल्द ही वापसी की उम्मीद जताई है। खेल नाओ से उन्होंने कई मुद्दों पर एक्सक्लूसिवल बातचीत की।

पिछले सीजन नवीन कुमार की इंजरी के बाद प्रेशर

पिछले सीजन नवीन कुमार जब इंजरी का शिकार हो गए थे तो विजय मलिक ने टीम के लिए मेर रेडर की भूमिका निभाई थी और बेहतरीन खेल दिखाया था। विजय मलिक के मुताबिक मेन रेडर होने के बावजूद उन्होंने दबाव को हावी नहीं होने दिया।

उन्होंने कहा 'मेरे ऊपर इतना कोई प्रेशर नहीं था, क्योंकि मैं पहले भी पीकेएल खेल चुका था। हां बस टीम की जिम्मेदारी ज्यादा हो गई थी और मुझे संभलकर खेलना था। नवीन की अनुपस्थिति में मुझे बड़ा मौका मिला कि मैं टीम के रेडिंग को लीड करूं। अगर मैं उस वक्त प्रेशर ले लेता तो फिर अच्छा नहीं खेल पाता।'

एक्सपीरियंस प्लेयर्स के बिना बेहतर प्रदर्शन

दबंग दिल्ली की टीम में पिछले सीजन जोगिंदर नरवाल, मंजीत छिल्लर, जीवा कुमार, रविंदर पहल और संदीप नरवाल जैसे कई बेहतरीन अनुभवी खिलाड़ी थे। हालांकि इस बार उनकी टीम में ज्यादातर प्लेयर युवा ही हैं लेकिन इसके बावजूद टीम काफी बेहतर कर रही है।

इसको लेकर विजय मलिक ने कहा 'भले ही जीवा कुमार, मंजीत छिल्लर, जोगिंदर नरवाल जैसे अनुभवी प्लेयर हमारे पास इस सीजन (PKL 9) नहीं हैं लेकिन कोच कृष्ण कुमार हूडा के पास सबसे ज्यादा एक्सपीरियंस है। इसलिए हमें उसकी कमी नहीं खल रही है। कोच हमें इतना सपोर्ट करते हैं कि सीनियर खिलाड़ियों की कमी बिल्कुल भी महसूस नहीं होती है। इसी वजह से हमारी टीम भी इस सीजन काफी अच्छा कर रही है।'

गलती करने पर कोच का रिएक्शन

दबंग दिल्ली के हेड कोच कृष्ण कुमार हूडा मैच के दौरान काफी एक्सप्रेसिव रहते हैं। प्लेयर्स को गलती करने पर वो डांट भी लगाते हैं। विजय मलिक के मुताबिक कोच जितना डांटते हैं उतना प्लेयर्स से प्यार भी करते हैं।

उन्होंने कहा 'मैच के दौरान जो जैसी गलती करता है वैसा ही रिएक्शन कोच का रहता है। अगर समझाने लायक कोई गलती करता है तो उसे समझाते हैं और जो ज्यादा गलती करता है उसे डांटते भी हैं। खराब परफॉर्मेंस होने पर गुस्सा तो उन्हें आता है, क्योंकि वो प्लेयर्स के ऊपर काफी मेहनत कर रहे हैं। हालांकि डांटने के बाद उन्हें पछतावा भी होता है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। ये उनका बड़प्पन है।'

नवीन कुमार के परफॉर्मेंस को लेकर राय

टीम के कप्तान नवीन कुमार इस सीजन अभी तक सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल कर चुके हैं। कोई भी टीम उन्हें रोक नहीं पा रही है। नवीन ने कुछ ही मैचों में कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। हालांकि विजय मलिक के मुताबिक नवीन अपने खुद के परफॉर्मेंस की बजाय टीम की जीत पर ज्यादा ध्यान देते हैं।

उन्होंने कहा 'नवीन कुमार इस सीजन (PKL 9) भी काफी जबरदस्त खेल दिखा रहे हैं लेकिन टीम का कोई भी प्लेयर्स सिर्फ अपने बारे में नहीं सोचता है। अब नवीन कप्तान बन गए हैं तो वो दूसरे रेडर्स को भी बराबर मौका देते हैं। टीम किसी एक प्लेयर के परफॉर्मेंस की बजाय जीत पर ज्यादा ध्यान देती है।'

असिस्ट और मेन रेडिंग में क्या ज्यादा मुश्किल है

विजय मलिक पीकेएल में दोनों ही तरह की भूमिका निभा चुके हैं। पिछले सीजन उन्होंने नवीन को असिस्ट भी किया था और जब नवीन चोटिल हुए तो उनकी अनुपस्थिति में मेन रेडर की भूमिका भी निभाई थी। विजय मलिक के मुताबिक वो किसी भी परिस्थिति में दबाव अपने ऊपर नहीं लेते हैं।

उन्होंने कहा 'मैं किसी भी परिस्थिति में दबाव नहीं लेता हूं। चाहे मेन रेडर के तौर पर खेलूं या असिस्ट करूं मैं बिल्कुल भी प्रेशर नहीं लेता। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी गई है मैंने उस दौरान दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया है।'

पीकेएल में बेस्ट डिफेंडर

पीकेएल में कई सारे दिग्गज डिफेंडर खेलते हैं। अगर बात करें तो मोहम्मदरेजा चियानेह, फजल अत्राचली, गिरीश एर्नाक, सुमित, नितेश कुमार, विशाल भारद्वाज और संदीप धुल जैसे बेहतरीन डिफेंडर हैं। विजय मलिक सारे डिफेंडर्स को एक जैसा मानते हैं और उनके मुताबिक हर किसी के खिलाफ प्वॉइंट लाने में दिक्कतें आती हैं।

उन्होंने कहा 'मेरे लिए तो सारे ही डिफेंडर काफी बेहतरीन हैं। जितने भी डिफेंडर हैं आसानी से प्वॉइंट कोई नहीं देता है। मेरे लिए तो सभी डिफेंडर काफी बेस्ट हैं। सबके खिलाफ उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है।'

पीकेएल का महत्व

कबड्डी को पहले उतना महत्व नहीं मिलता था। कुछ सालों पहले तक कबड्डी इतना प्रचलित नहीं था। हालांकि जब से पीकेएल का आगाज हुआ और इसे टीवी पर दिखाया जाने लगा, ये गेम काफी लोकप्रिय हो गया। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि आईपीएल के बाद पीकेएल भारत की दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली लीग है।

विजय मलिक ने कहा 'पीकेएल के आने के बाद कबड्डी का पूरा स्वरूप ही बदल गया है। पीकेएल कबड्डी को पूरी तरह से नए लेवल पर लेकर गया है। अब कबड्डी प्लेयर्स को लोग पहचानने लगे हैं। फैंस बन गए हैं और इसमें पीकेएल का काफी बड़ा योगदान रहा है।'

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