आईएसएल: पांच कोच जिन्हें भारत में कोचिंग के बाद बड़ी टीमों की तरफ से ऑफर मिले

इनमें से कुछ कोच टॉप टीमों के टैक्टीशियन बने।
इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के छह साल के इतिहास में हमने कई ऐसे कोच देखें जिन्होंने अपनी अलग-अलग रणनीति और गेम की समझ से इस लीग को टॉप पर पहुंचाने में अपना बड़ा योगदान दिया। लीग में कोचिंग करके उन्हें भी फायदा हुआ और उनकी स्किल में निखार आया। यही वजह रही कि कि कुछ कोच ऐसे भी रहे जिन्हें आईएसएल के बाद टॉप टीमों की तरफ से ऑफर मिले।
आइए उन पांच कोचों पर एक नजर डालते हैं जिन्हें आईएसएल के बाद टॉप प्रोजेक्ट मिले:
स्पेशल मेंशन
मिगुएल एंगल पोर्तुगल
2017-18 में दिल्ली डायनमोज को कोचिंग देने के बाद मिगुएल एंगल पोर्तुगल को स्पेनिश क्लब ग्रेनाडा सीएफ का कोच नियुक्त किया गया। वो सीजन के अंत तक इस टीम के कोच रहे। 2018-19 सीजन से पहले उन्हें एफसी पुणे सिटी का कोच नियुक्त किया गया। इसके बाद वह बोलीविया के क्लब जॉर्ज विल्सटरमान के कोच बने। हालांकि, आपसी सहमति के बाद उन्होंने इस टीम की कोचिंग छोड़ दी और उसके बाद उसी देश एक और टीम रॉयल परी के कोच बने, जहां पर उनका रिकॉर्ड काफी बढ़िया रहा।
जोसेप गोम्बाऊ
जोसेप गोम्बाऊ को मिगुअल एंगल पोर्तुगल की जगह दिल्ली डायनामोज का हेड कोच बनाया गया था। प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाने के बावजूद 2019-20 सीजन के लिए नई टीम ओडिशा एफसी ने उन्हें अपना कोच बनाए रखा। पिछले सीजन के बाद उन्होंने पारिवारिक वजहों से ओडिशा एफसी की कोचिंग छोड़ दी। इसके बाद वो यूएस के क्लब क्वींसबोरो के कोच बने।
5. जीको
2014 में आईएसएल के पहले सीजन के लिए एफसी गोवा ने ब्राजील के दिग्गज खिलाड़ी जीको को अपना हेड कोच नियुक्त किया था। वो तीन साल तक गोवा के कोच रहे और 2014 में टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाया और उसके बाद फाइनल तक भी पहुंचाया। हालांकि, तीसरे में सीजन टीम आखिरी पायदान पर रही और उसके बाद क्लब ने उन्हें कोच पद से हटा दिया।
67 साल के जीको इस वक्त जापान के क्लब कशीमा एंटलर्स के साथ टेक्टिनकल डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे हैं। ये इस क्लब के साथ उनका दूसरा कार्यकाल है। इससे पहले भी वो इस टीम के डायरेक्टर रह चुके थे। उनकी टीम का 2018 के क्लब वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में रियाल मैड्रिड से सामना हुआ था। गैरेथ बेल के हैट्रिक की बदौलत रियाल मैड्रिड की ने जबरदस्त जीत हासिल की थी और जापान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी।
4. रेने म्यूलेंसटीन
मैनचेस्टर यूनाइटेड की फर्स्ट टीम के पूर्व कोच रेने म्यूलेंसटीन को 2017-18 आईएसएल सीजन से पहले केरला ब्लास्टर्स का कोच नियुक्त किया गया था। हालांकि, उम्मीद के मुताबिक रिजल्ट नहीं आने की वजह से बीच सीजन में ही उन्हें कोच पद से हटा दिया गया था।
इसके बाद 2018 में वो ऑस्ट्रेलिया की नेशनल टीम के कोच बने और हेड कोच ग्राहम अर्नोल्ड के साथ काम किया। इन दो दिग्गजों की कोचिंग में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 2022 के फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर में अपने सभी चारों मुकाबले जीते।
3. सीजर फारियास

आईएसएल के पहले सीजन में नॉर्थ ईस्ट यूनाईटेड का प्रदर्शन काफी खराब था लेकिन 2015 सीजन में सीजर फारियास टीम को प्लेऑफ के करीब लेकर गए। आईएसएल के बाद वो पराग्वे की क्लब सेरा पोरटेनो के मैनेजर बने और बोलिविया के क्लब 'द स्ट्रांगेस्ट' के मैनेजर भी बने। इसके बाद उन्हें बोलिवियन नेशनल टीम का केयरटेकर मैनेजर भी बनाया गया।
2019 कोपा अमेरिका कप में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें नियमित तौर पर बोलिविया नेशनल टीम और अंडर-23 टीम का कोच बना दिया गया।
2. जोसे मोलिना
जोसे मोलिना के मार्गदर्शन में एटीके ने 2016 का आईएसएल खिताब जीता था जो कि उनका दूसरा टाइटल था। कोलकाता की टीम के साथ सफल सीजन के बाद वो मैक्सिको की सेकेंड डिवीजन टीम एटलेटिको सैन ल्युइस के कोच बने।
हालांकि, उनकी कोचिंग में टीम का प्रदर्शन काफी खराब रहा और इसी वजह से उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बाद 2018 में वो स्पैनिश फुटबॉल फेडरेशन के स्पोर्टिंग डायरेक्टर नियुक्त किए गए।
1. अल्बर्ट रोका
अल्बर्ट रोका का इंडियन फुटबॉल में काफी ऊंचा स्थान है। 2016 में बेंगलुरु एफसी का कोच बनने के बाद वो टीम को एएफसी कप के फाइनल तक ले गए। ये कारनामा करने वाली बेंगलुरु एफसी भारत की पहली टीम बनी। इसके बाद उनकी ही अगुवाई में टीम ने आईएसएल के फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद, हैदराबाद एफसी ने रोका को दो साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया। इसी बीच उन्हें एफसी बार्सिलोना की कोचिंग स्टॉफ का हिस्सा बनने का मौका मिला और जाहिर है इतना बड़ा मौका कोई भी नहीं गंवाना चाहेगा। उन्होंने हैदराबाद एफसी से नाता तोड़ लिया और बार्सिलोना के फिटनेस कोच बन गए।
Sawan Gupta is a passionate sports enthusiast with a strong interest in cricket, hockey, badminton, and kabaddi. He supports RCB in the IPL and UP Yoddhas in the PKL, and admires PV Sindhu and Virat Kohli. Since 2017, Sawan has been writing sports articles, covering major events like the Pro Kabaddi League, Asian Games, Olympics, and various cricket tournaments.