17 वर्षीय युवा खिलाड़ी जल्द ही जर्मनी जाएगा।

आई-लीग ने कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया है। कुछ के लिए इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) तो कुछ लिए टीम इंडिया के दरवाजे खोले। हालांकि, सुदेवा दिल्ली एफसी के कप्तान शुभो पॉल की कहानी अलग है, जो अब बुंडेसलीगा की मौजूदा चैंपियन बायर्न म्यूनिख की एक खास टीम का हिस्सा होंगे।

पॉल को जर्मन क्लब की वर्ल्ड टीम (अंडर19) के लिए चुना गया है। इस टीम को 1990 की चैंपियन टीम के सदस्य ऑगेनथेलर ने चुना है।

अपने चयन पर शुभो पॉल ने खुशी जाहिर करते हुए एआईफएफ से कहा, “यह मेरे और मेरे परिवार के लिए खुशी का पल है। यह शानदार एहसास है। हमारा आई-लीग का पहला सीजन ठीक-ठाक रहा था और मेरे क्लब मैनेजमेंट ने मेरे कुछ मैच वीडियो भेजे और अचानक मुझे पता चला कि मैं बार्यन म्यूनिख के लिए चुन लिया गया हूं।

उनका लक्ष्य अब सिर्फ यही है कि वह जर्मनी जाकर अपने देश का नाम रोशन करे। वह इस तरह का खेल दिखाना चाहते हैं कि लोगों को लगे कि भारत में भी काफी प्रतिभा है। वह बायर्न म्यूनिख और सीनियर टीम इंडिया के लिए खेलना चाहते हैं।

शुभो पॉल की वीडियो देखने के बाद उनके मैच के पूरे-पूरे वीडियो मांगे गए थे ताकि सेलेक्टर्स बेहतर तरीके से आंकलकन कर सके। पहले 100 खिलाड़ियों को चुना गया था, इनमें से पहले 62 फिर 35 और फिर आखिर में 15 खिलाड़ियों को फाइनल टीम में जगह मिली। शुभो इन 15 खिलाड़ियों में शामिल है। वह पहले मैक्सिको जाएंगे जहां सभी 15 खिलाड़ी इकठ्ठा होंगे और 13 दिन ट्रेनिंग करेंगे। इसके बाद यह सभी जर्मनी जाएंगे जहां वह बायर्न म्यूनिख की अंडर-19 की टीम के साथ ट्रेनिंग करेंगे और लोकल टीमों के मैच भी खेलेंगे।

17 साल के शुभो सुदेवा दिल्ली एफसी की ओर से खेलते हैं जो कि देश की राजधानी में स्थित फुटबॉल क्लब है। वह क्लब के साथ-साथ भारत की जूनियर टीमो में खेल चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में सैफ अंडर-15 चैंपियनशिप में खेला और उसमें तीन गोल भी दागे। भारत ने इस चैंपियनशिप को जीता था।

अपनी सफलता श्रेय क्लब को देते हुए शुभो पॉल ने कहा, “सुदेवा ने मेरी काफी मदद की। मैं 12 साल की उम्र से उनकी अकेडमी का हिस्सा हूं और सारे बेसिक्स यहीं सीखे। क्लब के मालिकों ने हमेशा मेरी मदद की। बायर्न म्यूनिख को मेरे वीडियो भेजने में भी उन्ही का अहम रोल रहा।”