सीजन आठ में फैंस को एक बार फिर से दमदार एक्शन देखने को मिलेगा।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के नए सीजन में अबकी बार कोरोना वायरस के कारण एक नया नियम सामने आया है। इसका नाम ‘कोरोना कॉन्टिजेंसी प्लेयर्स‘ है जिसके तहत फ्रैंचाइजीस खिलाडियों को अपनी टीम में शामिल कर सकती हैं।

आठवें सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी अगस्त में हुई थी। कई खिलाड़ी ऐसे भी थे जिनको किसी भी टीम ने नहीं खरीदा और अब नए नियम के तहत कुछ अनसोल्ड खिलाड़ियों की वापिस हुई है। ‘कोरोना कॉन्टिजेंसी प्लेयर्स’ के तहत सभी टीमों को कुछ खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने का सुनहरा मौका मिला है। हर टीम दो एक्स्ट्रा खिलाड़ियों को शामिल कर सकती है। इन खिलाड़ियों को मेन टीम से अलग नाम दिया जाएगा। 

खिलाड़ियों को टीम के प्रैक्टिस कैंप में शामिल किया जाएगा लेकिन इनको मैच खेलने की अनुमति तब तक नहीं होगी जब तक मेन टीम का कोई खिलाड़ी कोरोना संक्रमित नही हो जाता। इन कबड्डी प्लेयर्स को एक अलग आरक्षित श्रेणी में रखा जाएगा। अगर किसी खिलाड़ी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई जाती है तो ही इन एक्स्ट्रा प्लेयर्स को मैच खेलने का अधिकार मिलेगा। इन खिलाड़ियों को टीम की सारी सुविधाएं मिलेंगी। सभी टीमें बस उन्हीं खिलाड़ियों को शामिल कर सकती है जिनका नाम नीलामी में तो था लेकिन उनको किसी टीम ने नही खरीदा था। 

आइए देखते हैं कौन-कौन से वे खिलाड़ी हैं जो कोरोना ‘कॉन्टिजेंसी प्लेयर्स’ की लिस्ट में शामिल हैं।

1. रण सिंह (बंगाल वॉरियर्स)

प्रो कबड्डी लीग के एक बेहतरीन ऑल-राउंडर हैं रण सिंह जो ऑक्शन में अनसोल्ड रहें। उन्होंने पिछले सीजन में तमिल थलाइवास की टीम से खेलते हुए टोटल 46 पॉइंट्स हासिल किए थे। पिछले सीजन में खराब प्रदर्शन के कारण ही उनको नीलामी में किसी टीम ने नहीं खरीदा। नए नियम का फायदा उठाते हुए बंगाल वॉरियर्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया है।

2. विशाल माने (बंगाल वॉरियर्स)

विशाल माने लीग के एक बेहतरीन राइट कवर डिफेंडर हैं। विशाल माने भी पीकेएल की नीलामी में अनसोल्ड रहे जिसका सबसे बड़ा कारण उनका खराब प्रदर्शन है। उन्होंने पिछले सीजन में दबंग दिल्ली की टीम से खेलते हुए कुल 23 मैच खेलते हुए सिर्फ 27 टैकल पॉइंट्स ही हासिल किए। अबकी बार उन्हें भी बंगाल वॉरियर्स ने ही अपनी टीम में शामिल किया है। बंगाल वॉरियर्स अबकी बार इस नियम का फायदा उठाकर अपनी टीम का बैकअप मजबूत कर रही है।

3. सुधाकर कदम (हरियाणा स्टीलर्स)

सुधाकर कदम एक लेफ्ट कवर डिफेंडर हैं। कदम ने सीनियर नेशनल में महाराष्ट्र टीम की तरफ से खेलते हुए काफी अच्छा प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन से प्रभावित होकर ही राकेश कुमार (कोच हरियाणा स्टीलर्स) ने इनको नए नियम के तेहत अपनी टीम में शामिल किया है।

4. बिंटू नरवाल (यूपी योद्धा)

बिंटु नरवाल एक ऑल-राउंड खिलाड़ी हैं। प्रो कबड्डी लीग के पिछले सीजन में ये पटना पाइरेट्स का हिस्सा थे। इनको लीग में खेलते हुए ज्यादा मौका तो नहीं मिला लेकिन यूनिवर्सिटी गेम्स में इन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया है। यूपी योद्धा ने भी इनको अपनी टीम में शामिल करके अपना बैकअप मजबूत करने का प्रयत्न किया है।

5. अंकुश राठी (बेंगलुरु बुल्स)

अंकुश राठी एक बेहतरीन लेफ्ट कॉर्नर डिफेंडर हैं। राठी ने अपनी प्रतिभा का परिचय सीनियर नैशनल और ऑल इंडिया चैंपियनशिप में बहुत बार दिया है। राठी सीनियर नेशनल में चंडीगढ़ और ऑल इंडिया चैंपियनशिप में ओएनजीसी की टीम से खेलते हैं। रणधीर सिंह सेहरावत (कोच बेंगलुरु बुल्स) इन प्रतियोगिताओं में नए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तरासने के लिए जाते रहते हैं। ऐसे में सेहरावत, अंकुश के प्रदर्शन से काफी खुश हुए और उनको अपनी टीम में शामिल कर लिया।

6. मनुज बुरा (पटना पाइरेट्स)

मनुज बुरा एक राइट कॉर्नर डिफेंडर हैं। बुरा ने अब हाल की में हुए के-7 कबड्डी टूर्नामेंट में चौधरी छाजूराम अकादमी से खेलते हुए काफी अच्छा प्रदर्शन किया। उनके इसी प्रदर्शन को देखते हुए राम मेहर सिंह (कोच पटना पाइरेट्स) ने उनको अपनी टीम में शामिल किया है।