पहले सीजन में कई खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

कबड्डी के खेल में डिफेंडर्स की भूमिका काफी अहम होती है। अगर किसी टीम का डिफेंस अच्छा नहीं है तो उसके लिए लगातार मुकाबले जीतना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसा कई बार हम प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) में देख चुके हैं। उदाहरण के लिए पीकेएल के सातवें सीजन में पटना पाइरेट्स के लिए उनके दिग्गज रेडर परदीप नरवाल ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था लेकिन डिफेंस अच्छा नहीं होने की वजह से टीम टाइटल नहीं जीत पाई थी।

ऐसे में डिफेंस का महत्व कबड्डी में काफी बढ़ जाता है। अगर हम प्रो कबड्डी लीग की बात करें तो इस टूर्नामेंट में अभी तक कई बेहतरीन डिफेंडर हुए हैं। फजल अत्राचली, मंजीत छिल्लर, रविंदर पहल, नीतेश कुमार, विशाल भारद्वाज, रण सिंह और सुरेंदर नाडा जैसे कई बेहतरीन डिफेंडर पीकेएल का हिस्सा रहे हैं। अब तक के सात सीजन के दौरान कई सारे डिफेंडर्स का परफॉर्मेंस काफी शानदार रहा है। हर सीजन कोई ना कोई नया सितारा उभरकर सामने आया है।

हालांकि हम इस आर्टिकल में पीकेएल के पहले सीजन के टॉप-5 डिफेंडर्स के बारे में बताएंगे जिन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

5. रोहित राणा

रोहित राणा पहले सीजन में जयपुर पिंक पैंथर्स की टीम का हिस्सा थे। जयपुर को चैंपियन बनाने में उनका योगदान भी काफी अहम था। रोहित लेफ्ट कवर में खेलते हैं और अपने डैश और ब्लॉक के लिए काफी मशहूर हैं। उनके पास काफी एक्सपीरियंस है और इसी वजह से वो किसी भी टीम के लिए काफी अहम साबित होते हैं।

रोहित राना ने प्रो कबड्डी लीग के पहले सीजन में 15 मैचों में 38 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे और इस दौरान एक सुपर टैकल भी किया था। उनके बेहतरीन परफॉर्मेंस का ही नतीजा था कि वो लगातार चार सीजन तक जयपुर पिंक पैंथर्स की टीम का हिस्सा थे। हालांकि बाद के सीजन में उनका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा।

4. जसमेर सिंह गूलिया

दबंग दिल्ली की तरफ से खेलने वाले जसमेर सिंह गूलिया ने पहले सीजन में टीम की तरफ से 14 मैचों में 38 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। वो एक ऑलराउंडर के तौर पर खेलते हैं और काफी अनुभवी प्लेयर हैं। ओवरऑल अगर उनके करियर की बात करें तो उन्होंने 52 मैचों में कुल 116 प्वॉइंट हासिल किए हैं। इस दौरान उन्होंने सात सुपर टैकल किए हैं और पांच हाई फाइव लगाए हैं। इसके अलावा उनके 109 टैकल प्वॉइंट्स हैं।

हालांकि जसमेर सिंह का परफॉर्मेंस पिछले कुछ सीजन से अच्छा नहीं रहा है। तीसरे सीजन से ही वो अच्छे लय में नहीं है।

3. धर्मराज चेरलाथन

अपने प्रो कबड्डी लीग करियर में धर्मराज चेरालाथन कई टीमों के लिए खेल चुके हैं। धर्मराज चेरालाथन सीजन चार में अपनी कप्तानी में पटना पाइरेट्स को पीकेएल का खिताब भी जिता चुके हैं। उनके पास काफी अनुभव है। अपने एंकल होल्ड के लिए मशहूर धर्मराज चेरालाथन की उम्र ज्यादा हो चुकी है लेकिन उनके डिफेंस की धार अभी तक कम नहीं हुई है।

पहले सीजन में धर्मराज चेरलाथन बेंगलुरू बुल्स की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने टीम की तरफ से 16 मैचों में 52 विकेट चटकाए थे। इसके अलावा दूसरे सीजन में भी उन्होंने टीम की तरफ से 42 प्वॉइंट हासिल किए थे। आगामी सीजन में वो जयपुर पिंक पैंथर्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे जिसने पहले सीजन का टाइटल अपने नाम किया था।

2. सुरेंदर नाडा

लेफ्ट कॉर्नर स्पेशलिस्ट सुरेंदर नाडा कबड्डी के बड़े सितारों में से एक हैं। उन्होंने अभी तक अपने करियर में जबरदस्त खेल दिखाया है। पहले सीजन से लेकर ही उनका इम्पैक्ट शानदार रहा है। पहले सीजन में वो रनर अप रही यू-मुम्बा की टीम का हिस्सा थे और टूर्नामेंट के बेहतरीन डिफेंडर्स में से एक साबित हुए थे।

सुरेंडर नाडा ने पीकेएल 2014 में 15 मैचों में 51 प्वॉइंट हासिल किए थे। उन्होंने दूसरे सीजन में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर यू-मुम्बा को चैंपियन बनाया था।

1. मंजीत छिल्लर

इस लिस्ट में पहले पायदान पर दिग्गज डिफेंडर मंजीत छिल्लर हैं। पहले सीजन में बेंगलुरु बुल्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 16 मैचों में 51 प्वॉइंट हासिल किए थे और बेस्ट डिफेंडर का अवॉर्ड जीता था। पीकेएल में मंजीत अभी तक कई टीमों की तरफ से खेल चुके हैं। प्रो कबड्डी लीग के इतिहास में 300 टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले वो पहले खिलाड़ी हैं।

मंजीत ने दूसरे सीजन में बेंगलुरु बुल्स के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया था और 16 मैचों में 107 प्वॉइंट हासिल किए थे। हालांकि पिछले कुछ सीजन से वो उतने अच्छे लय में नहीं दिखाई दिए हैं। आगामी सीजन वो दबंग दिल्ली की टीम का हिस्सा हैं।