टीम ने दूसरे सीजन में बेंगलुरू बुल्स को हराकर टाइटल जीता था।

यू-मुम्बा ने प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के लगभग हर सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। टीम पहले सीजन में दूसरे नंबर पर रही थी और दूसरे साल बेंगलुरु बुल्स को हराकर पीकेएल का टाइटल जीता। इसके अलावा तीसरे, चौथे, पांचवें, छठे और सातवें सीजन में भी टीम का परफॉर्मेंस अच्छा रहा। कुल मिलाकर यू-मुम्बा एक लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टीम रही है।

कई दिग्गज खिलाड़ियों ने यू-मुम्बा की तरफ से पीकेएल हिस्सा लिया है। दूसरे सीजन की अगर बात करें तो अनूप कुमार, सुरेंदर नाडा, विशाल माने और रिशांक देवाडिगा जैसे दिग्गज प्लेयर्स टीम का हिस्सा थे। इन खिलाड़ियों ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम को चैंपियन बनाया था।

हम आपको इस आर्टिकल में उन्हीं खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिन्होंने दूसरे सीजन में इस टीम को खिताब जिताया था। इसमें सिर्फ वही खिलाड़ी मौजूद हैं जो फाइनल में मैट पर उतरे थे। आइए जानते हैं कि दूसरे सीजन के वो सभी प्लेयर्स इस वक्त कहां हैं और क्या कर रहे हैं।

1. अनूप कुमार

दिग्गज प्लेयर अनूप कुमार दूसरे सीजन में यू-मुम्बा के कप्तान थे और टीम को शानदार तरीके से लीड किया था। उन्होंने उस सीजन 14 मैचों में कुल 74 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे और टीम को चैंपियन बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। अनूप कुमार इसके बाद जयपुर पिंक पैंथर्स की तरफ से भी खेले और इस वक्त पीकेएल में वो पुनेरी पलटन के हेड कोच हैं।

2.सुरेंदर नाडा

पीकेएल के दिग्गज डिफेंडर्स में से एक सुरेंदर नाडा ने भी पहले सीजन में यू-मुम्बा की जीत में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। डिफेंस में उन्होंने टीम के लिए अपना अहम योगदान दिया था। 14 मैचों में कुल मिलाकर उन्होंने 41 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। आगामी सीजन में वो हरियाणा स्टीलर्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे।

3. मोहित छिल्लर

प्रो कबड्डी लीग के दिग्गज डिफेंडर्स की बात जब होती है तो मोहित छिल्लर का नाम जरूर लिया जाता है। वो तीसरे सीजने में सबसे ज्यादा हाई फाइव लगाने वाले डिफेंडर थे। दूसरे सीजन में यू-मुम्बा की तरफ से खेलते हुए मोहित छिल्लर ने 14 मैचों में 42 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे और सुरेंदर नाडा का अच्छा साथ दिया था। अपने थाई होल्ड के लिए मशहूर मोहित छिल्लर का परफॉर्मेंस पिछले कुछ सीजन से उतना अच्छा नहीं रहा था और शायद यही वजह रही कि इस बार के ऑक्शन में उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला।

4. जीवा कुमार

40 वर्षीय जीवा कुमार को सुपर टैकल में महारत हासिल है और दूसरे सीजन में वो चैंपियन टीम का हिस्सा थे। टीम के लिए कवर में खेलते हुए उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया था और 13 मैचों में 38 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। इतनी ज्यादा उम्र होने के बावजूद उनकी धार अभी भी कम नहीं हुई है और इसी वजह से दबंग दिल्ली जैसी टीम ने आठवें सीजन के ऑक्शन में उन्हें खरीदा और वो उनकी तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे।

5. शब्बीर बापू

शब्बीर बापू काफी चालाक रेडर हैं। वो स्ट्रेंथ से ज्यादा अपनी तकनीक पर ध्यान देते हैं और यही वजह है कि इतने सफल रहे हैं। यू-मुम्बा के लिए सेकेंड सीजन में उन्होंने अनूप कुमार जैसे दिग्गज रेडर को बेहतरीन तरीके से असिस्ट किया था। उन्होंने 10 मैचों में 46 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। 2019 के सीजन में वो तमिल थलाइवाज की टीम का हिस्सा थे।

6. विशाल माने

अपने पीकेएल करियर में अभी तक 128 मुकाबले खेल चुके विशाल माने राइट कवर स्पेशलिस्ट हैं। वो अहम मौकों पर बेहतरीन टैकल करने में माहिर हैं। हालांकि, पिछले सीजन उनका परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा था और इसी वजह से आठवें सीजन के लिए वो अनसोल्ड रहे। वहीं दूसरे सीजन में यू-मुम्बा की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 26 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे।

7. रिशांक देवाडिगा

रिशांक देवाडिगा लगातार चार सीजन तक यू-मुम्बा की टीम का हिस्सा रहे और सेकेंड सीजन में टीम को चैंपियन भी बनाया। उन्होंने 13 मैचों में 58 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। आगामी सीजन में वो डिफेंडिंग चैंपियन बंगाल वॉरियर्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे।

8. फजल अत्राचली

ईरानियन डिफेंडर फजल अत्राचली उस वक्त भी यू-मुम्बा की टीम में थे लेकिन हैरानी की बात ये है कि उस सीजन के फाइनल मुकाबले में वो स्टार्टिंग सेवन का हिस्सा नहीं थे। उन्हें सब्सीट्यूट के तौर पर यूज किया गया था। हालांकि वो एक भी प्वॉइंट हासिल नहीं कर पाए थे।